गैंगस्टर जीवा ने अपराध की दुनिया में यूपी से लेकर उत्तराखंड तक अपना नेटवर्क बिछा रखा था। उसने मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़कर कई बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था। 2019 में वह लखनऊ की जेल में बंद था।
गैंगस्टर संजीव उर्फ जीवा के बारे में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस को जानकारी मिली है कि जीवा का एक गुर्गा रुड़की में भी है। जीवा इस गुर्गे के पास अपनी काली कमाई जमा करता था। पुलिस ने जीवा के गुर्गे की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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गैंगस्टर जीवा ने अपराध की दुनिया में यूपी से लेकर उत्तराखंड तक अपना नेटवर्क बिछा रखा था। उसने मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़कर कई बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था। 2019 में वह लखनऊ की जेल में बंद था। जेल में ही बैठकर उसने हरिद्वार के कई कारोबारियों से रंगदारी भी मांगी थी। उसके गुर्गे ने एक व्यापारी की हत्या भी कर दी थी।
इसी साल वह सात जून को लखनऊ कोर्ट में पेशी पर आया था। इस दौरान कोर्ट रूम में वकील के कपड़ों में आए शूटर ने जीवा पर गोलियां बरसा दी थी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। उस दौरान संजीव जीवा के बारे में कई सनसनीखेज खुलासे हुए थे। अब जीवा के बारे में एक और खुलासा हुआ है। पुलिस को इनपुट मिला है कि रुड़की में भी जीवा का एक गुर्गा सक्रिय था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि संजीव जीवा रुड़की निवासी गुर्गे के पास अपनी काली कमाई जमा करता था। इसके बाद गुर्गा इस रकम को प्रॉपर्टी में लगाता था। सूत्राें ने बताया कि संजीव ने अपनी हत्या से पहले गुर्गे को करीब दस करोड़ रुपये की काली कमाई दी थी। इस बीच उसकी हत्या हो गई। संजीव की हत्या के बाद गुर्गा उसकी रकम पर कुंडली मारकर बैठ गया और किसी को भनक न लगे इसके लिए उसने रकम से अपने नाम प्रॉपर्टी खरीद ली है।
संजीव जीवा का रुड़की में भी गुर्गा होने की जानकारी मिली है। जानकारी के आधार पर मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। जांच में मामला सही निकलने पर गुर्गे पर शिकंजा कसा जाएगा। -प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी