गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग काशीपुर की ओर से मुंडेट में आयोजित गन्ना चौपाल और किसान गोष्ठी में अधिकारियों ने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही सह फसल उगाने और उसके फायदों भी बताए। अधिकारियों ने किसानों को समिति की ओर से चलने वाली बीमा योजनाओं की जानकारी भी दी।
बुधवार को आयोजित गोष्ठी में किसानों को गन्ने की उन्नत खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। गन्ना विकास निरीक्षक बीके चौधरी ने बताया कि किसान नवीनतम प्रजाति का उपयोग कर अधिकतम लाभ कमा सकते हैं। जैविक खेती वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जैविक खेती से किसानों को अत्यधिक लाभ होगा। इसके साथ ही उन्होंने सह फसली खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया। कहा कि जैसे गन्ने के साथ उड़द उगाकर या अन्य कोई फसल उगाकर किसान दोहरा लाभ कमा सकते हैं।
पूर्व उप गन्ना आयुक्त एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. योगेंद्र पाल ने भूमि में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने पर बल दिया। बताया कि जैविक खाद का उपयोग कर भूमि की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। गन्ना अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ वैज्ञानिक जेेपी मलिक ने गन्ने में लगने वाले रोग एवं कीट के बारे में जानकारी दी। मौके पर गन्ना अनुसंधान केंद्र के कंप्यूटर प्रभारी कपिल गुप्ता, गन्ना पर्यवेक्षक सुनील सेमवाल, रमन कुमार, विजय शर्मा, दिनेश सकलानी, पृथ्वीराज चौहान, छोटेलाल, नरेंद्र कुमार, बृजपाल सिंह, कार्तिक, उमेश कुमार, सुशील कुमार, सुभाष चंद, जितेंद्र कुमार, अश्वनी कुमार, राजकुमार, प्रमोद त्यागी, कुलदीप चौहान मौजूद रहे।