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बचपन के स्कूल की दुर्दशा देख संजोने को आगे आये युवा

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रायवाला स्थित प्रतीतनगर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में श्रमदान करने वाले स्थानीय युवा। - फोटो : RISHIKESH
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रायवाला। अपनी पहली पाठशाला के बदहाल हालात देख युवाओं ने उसे संजोने का बीड़ा उठाते हुए श्रमदान किया। सरकारी तंत्र से अलग स्कूल और स्कूली बच्चों के लिए युवाओं ने शिक्षण और खेलकूद गतिविधि के लिए अपने स्तर से संसाधन जुटाने का भी जिम्मा लिया है।
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शनिवार को प्रतीतनगर ग्राम सभा के पुराने राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर की बदहाल स्थिति को सुधारने का आसपास के स्थानीय युवाओं ने श्रमदान किया। युवाओं ने एकत्रित होकर विद्यालय परिसर में खेल के मैदान पर जमी चार से पांच फीट ऊंची झाड़ी को काटकर साफ किया। मैदान को खेलने के लिए उपयुक्त बनाने के लिए उसमें ट्रैक्टर चलाकर समतलीकरण कराया गया। ग्राम प्रधान अनिल कुमार ने युवाओं को हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया है। अभियान का नेतृत्व कर रहे मुकेश भट्ट, गंगाधर गौड़ ने बताया कि सरकारी विद्यालय के परिसर में सरकार नए भवन बना देती है, पुराने भवन जर्जर हालात में जस के तस खड़े छोड़ दिए जाते हैं। इन भवनों की आड़ में असामाजिक गतिविधियां संचालित होने लगी है। स्कूल बंद होने के बाद नशेड़ी युवाओं का जमावड़ा इन भवनों में लगा रहता है। इस अवसर पर मुकेेश तिवाड़ी, सुदेश कंडवाल, प्रमोद चमोली, भगवान शरण गौड़, विकास डंगवाल, नवीन चमोली, संतोष ठाकुर, मनीष सेमवाल, सुचित झा, राजेंद्र प्रसाद रतूडी, प्रमोद रतूडी, निखिल, दीपक जोशी, मनोज कंडवाल, विवेक थपलियाल, शुभम तिवाड़ी, संदीप ध्यानी, उमा दत्त नौटियाल आदि थे।

रायवाला स्थित प्रतीतनगर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में श्रमदान करने वाले स्थानीय युवा।- फोटो : RISHIKESH

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