एसपीएस राकीय चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहन।
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ऋषिकेश। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय परिसर में बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन मरीजों का रास्ता रोक रहे हैं। अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों के वाहन कम बाहरी लोगों के वाहन अधिक खड़े हो रहे हैं। जिससे अस्पताल परिसर में ऐसी समस्या बनी हुई है। मामला संज्ञान में होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इस ओर उदासीन बना हुआ है।
सरकारी अस्पताल ऋषिकेश का मुख्य अस्पताल है। इस अस्पताल में पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार, देहरादून आदि जनपदों के मरीज और तीमारदार उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल परिसर में कुछ मरीज अपने वाहनों से तो कुछ मरीज 108 सेवा की मदद से आते हैं। लेकिन इन वाहनों में बैठे मरीजों को चिकित्सक तक पहुंचने में परेशानी होती है। अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर पूरे परिसर में आड़े तिरछे तरीके से दोपहिया और चौपहिया वाहन खड़े हो जाते हैं। पार्किंग के चक्कर में सरकारी अस्पताल का दूसरा मुख्य गेट बंद रहता है। इस गेट से केवल पैदल मरीज ही आवाजाही करते हैं। यही नहीं इमरजेंसी के मुख्य गेट पर भी धड़ल्ले से वाहनों की पार्किंग हो रही है। अवैध तरीके से खड़े वाहन कई बार 108 सेवा का रास्ता भी बाधित कर चुके हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बाहरी लोगों ने भी सरकारी अस्पताल को पार्किंग का अड्डा बना दिया है। पार्किंग ठेकेदार भी अधिक मुनाफा कमाने की फेर में बाहरी वाहनों को अस्पताल परिसर में खड़ा करवा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल परिसर की पार्किंग ठेके पर दी गई है। पार्किंग में यदि ऐसी समस्या आ रही है तो ठेकेदार को निर्देशित कर पार्किंग में केवल अस्पताल के स्टाफ कर्मी के अलावा मरीज और उनके तीमारदारों के वाहन की खड़े किए जायेंगे।
डॉ. विजयेश भारद्वाज, सीएमएस।