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नेता बने अतिक्रमणकारी की ढाल, बैरंग लौटी टीम

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आईएसबीटी परिसर में बनी दुकान को खाली करवाने पहुंची स्थानीय प्रशासन की टीम के साथ नोकझोक करते स्थ? - फोटो : RISHIKESH
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संवाद न्यूज एजेंसी
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अपर आयुक्त गढ़वाल के निर्देश पर आईएसबीटी में नगर निगम की भूमि से कब्जा हटाने गई टीम को विरोध के चलते बैरंग वापस लौटना पड़ा। भाजपा और कांग्रेस नेताओं के साथ पार्षद भी अतिक्रमणकारी के पक्ष में उतर आए। इस दौरान अतिक्रमणकारी और नेताओं की अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। अतिक्रमणकारी और नेता टीम से लगातार कोर्ट का आदेश दिखाने की मांग करते रहे।
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अपर आयुक्त गढ़वाल हरक सिंह रावत ने नगर निगम के अधिकारियों को आईएसबीटी में कांजी हॉउस की भूमि पर हुए कब्जे का हटाने और क्षतिपूर्ति वसूलने के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम आईएसबीटी पर नगर निगम की भूमि पर संचालित रेस्टोरेंट को हटाने पहुंची। जैसे ही जेसीबी ने रेस्टोरेंट के बाहर की दीवार को ढहाया तो रेस्टोरेंट मालिक का पारा चढ़ गया। उसने कार्रवाई का विरोध करते हुए टीम को खूब खरी खोटी सुनाई। रेस्टोरेंट मालिक टीम को कोर्ट के स्टे का हवाला देने लगा। इस बीच कार्रवाई की सूचना पाकर कांग्रेस और भाजपा के नेता भी मौके पर पहुंच गए। कांग्रेस कार्यकारी नगर अध्यक्ष सुधीर राय और भाजपा मण्डल अध्यक्ष दिनेश सती, पार्षद राजेश दिवाकर, अजीत गोल्डी, देवेंद्र प्रजापति और शिवकुमार गौतम, पार्षद प्रतिनिधि सुमित पंवार, हरीश तिवारी, ने कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान नेताओं की प्रशासन और निगम की टीम के साथ तीखी नोकझोंक भ्री हुई। नेताओं ने नगर निगम की टीम को कब्जा ध्वस्त करने से पहले कोर्ट के आदेश दिखाने के लिए कहा। चौतरफा दबाव के चलते निगम की टीम मौके से लौट गई। टीम में सहायक नगर आयुक्त एलएम दास, कर एवं राजस्व अधीक्षक निशात अंसारी, नायब तहसीलदार विजयपाल सिंह, एसएसआई मनमोहन सिंह नेगी शामिल रहे।
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