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अब कांजी हाउस की जगह खाली कराएगा नगर निगम

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ऋषिकेश। कांजी हाउस की जगह पर हुए अतिक्रमण को नगर निगम जल्द ध्वस्त करेगा। सिविल कोर्ट ने भी नगर निगम के पिछले साल 24 अगस्त को दिए गए फैसले को सही ठहराते हुए नरेंद्र रतूड़ी की अपील खारिज कर नगर निगम के पक्ष में फैसला सुनाया है। अपील खारिज होने की पुष्टि नगर निगम के वकील मनीष बिजल्वाण ने की है।
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मनीष बिजल्वाण ने बताया कि आईएसबीटी परिसर में परिसर में नरेंद्र रतूड़ी चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक की कैंटीन संचालित की जा रही थी। जिसका लाइसेंस एक अप्रैल 2007 से 31 मार्च तक 2008 तक के लिए लिया था, यहां पर यह कैंटीन एक अस्थाई टिन शेड में चल रही थी। वह पांच रुपये रोज के हिसाब तहबाजारी देते थे, पिछले साल 24 अगस्त को नगर निगम ने नरेंद्र रतूड़ी को नोटिस भेजकर दो सप्ताह निर्माण स्वयं ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। आदेश के विरोध में नरेंद्र रतूड़ी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, रतूड़ी का कहना था कि तत्कालीन नगर पालिका के दौरान उन्होंने नगर पालिका के खाते में साढे 17 लाख रुपये जमा कराए हैं, नगर पालिका बोर्ड को उन्होंने पक्की दुकान बनाने की मांगी थी, जो बनाकर नहीं दी गई। हाईकोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली थी। उसके बाद उन्होंने सिविल न्यायालय ऋषिकेश में अपील की थी। 12 अगस्त 2021 को सिविल न्यायालय की ओर से नगर निगम के अतिक्रमण ध्वस्त करने के आदेश को सही बताते हुए नगर निगम के पक्ष में फैसला सुनाया गया।
स्वयंसेवी संगठन भी कर रहे थे मांग
आईएसबीटी परिसर में जिस जमीन पर कैंटीन चल रही थी, वहां पर नगर पालिका के समय आईएसबीटी बनने से पहले कांजी हाउस था, शहर के तमाम सेवी संगठन कांजी हाउस की जमीन खाली करने की मांग कर रहे थे। मंगलवार को हुए तहसील दिवस में भी पंकज गुप्ता ने कांजी हाउस भी पर हुए अतिक्रमण को ध्वस्त करने की मांग एसडीएम से की।
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अभी कोर्ट से लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, जैसे ही आदेश मिलेंगे, मुख्य नगर आयुक्त के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही पुलिस बल की मदद से अतिक्रमण ध्वस्त किया जाएगा।
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-एलमदास, सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश
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