ऋषिकेश। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले बैंक कर्मचारियों ने राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के विरोध में दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। इससे बैंकों में दूसरे दिन भी काम काज ठप रहा। बैंकों की हड़ताल के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बैंक कर्मचारी राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण करने वाले बैंकिंग कानून में संशोधन और प्रतिकूल दिशा में ले जाने वाले बैंकिंग में सुधार कानून का विरोध कर रहे हैं। बैंकों की इस हड़ताल में पीएनबी, एसबीआई, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी रेलवे रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर एकत्रित हुए, जहां पर बैंक कर्मियों ने भविष्य की रणनीति को लेकर वार्ता की। इस दौरान बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यूनियन के जिला सचिव मयंक शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय बैंकों की दूसरे दिन हड़ताल रही। इससे ऋषिकेेश में करीब 200 करोड़ रुपये का लेन देन प्रभावित हुआ। बैंक कर्मियों की हड़ताल के कारण बैंकों में आए कई लोग मायूस होकर लौटे। इस अवसर पर दिगंबर सिंह रावत, सुरेश भट्ट, दिनेश जुगरान और पीएस लखेड़ा आदि उपस्थित थे।