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एम्स की ओपीडी में उमड़ रहे मरीज, दो घंटे में आ रहा नंबर

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एम्स में मरीजों और तीमरदारों की लगी भीड़। - फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। कोरोनाकाल में हालात सामान्य होने के साथ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ऋषिकेश में ओपीडी में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी। उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से मरीज विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार को 2400 मरीजों ने ओपीडी में पंजीकरण कराया। ओपीडी में दबाव अधिक होने के चलते मरीजों को चिकित्सक को दिखाने मेें दो से ढाई घंटे का समय लग रहा था।
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कोरोना संक्रमण में कमी आने के साथ 12 जुलाई से ओपीडी सेवाएं दोबारा शुरु कर दी गई थीं। उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से मरीज इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। अब हाल यह है कि मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पंजीकरण केे बाद मरीजों का नंबर आने में दो घंटे से ढाई घंटे का समय लग रहा है। चिकित्सक मरीजों को पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी समेत विभन्न जांच लिखने के बाद दोबारा दिखाने के लिए चार से पांच दिन आगे का समय भी दे रहे हैं।
- लीवर में समस्या थी। डॉक्टर को दिखाने आया था। दो घंटे से ज्यादा समय हो गए है। लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। समय से घर भी लौटना था, लेकिन काफी समय हो चुका है।
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-आकाश कुमार, बिजनौर, उत्तरप्रदेश
पत्नी को लीवर की समस्या थी। ढाई घंटे पहले पर्चा बनाया था। अब नंबर आने का इंतजार कर रहा हूं। कोरोना के बाद अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
-हम्मद हुसैन, लंडौरा, हरिद्वार
- पर्चा बनाने के दो घंटे बाद नंबर आया था। डॉक्टर का दिखा दिया। डॉक्टर ने कुछ जांच लिखी। दोबारा दिखाने के लिए तीन दिन बाद का समय दिया गया है।
-मीरा देवी, टिहरी गढ़वाल
- रोजाना दो हजार से ढाई हजार मरीज इलाज के लिए ओपीडी में पंजीकरण करा रहे हैं। अच्छी बात है कि इतने दबाव के बावजूद मरीजों को इलाज मिल रहा है। अगर एक चिकित्सक मरीज को तीन मिनट भी देखेंगे तो अन्य मरीजों का नंबर आने में कुछ समय में लगना लाजिमी है।
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हरीश थपलियाल, पीआरओ, एम्स ऋषिकेश
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