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संस्कृत शिक्षा के उत्थान के लिए काम कर रहा श्रीदर्शन महाविद्यालय: सुबोध उनियाल

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03 मुनिकीरेती स्थित दर्शन महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल ऋषिकुमार। - फोटो : RISHIKESH
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श्रीदर्शन महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव का रविवार को समापन हो गया। इस दौरान समारोह में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि श्रीदर्शन महाविद्यालय देश में सनातन संस्कृति के उत्थान के काम रहा है। यहां से पास हुए छात्र आज देश के बड़े पदों पर कार्यरत हैं।
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कार्यक्रम की शुरुआत गढ़वाली मांगल गीतों से हुई। उसके बाद महाविद्यालय के छात्रों की ओर से स्वस्तिवाचन किया गया। कार्यक्रम में राम तपस्थली आश्रम ब्रह्मपुरी के परमाध्यक्ष स्वामी दयानंद महाराज ने सनातन संस्कृति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्या अर्जन से व्यक्ति उच्च पद हासिल कर सकता है। श्रीदर्शन महाविद्यालय में पढ़ाई का अच्छा स्तर होने और अनुशासन होने से एक अलग ही नाम है। आज देश के दूसरे राज्यों से यहां छात्र संस्कृत शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। महाविद्यालय के अध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल ने कहा कि महाविद्यालय में कठोर अनुशासन का पालन कराया जाता है। यहां से निकले छात्र सेना, पुलिस और अन्य विभागों में कार्यरत हैं। विद्यालय के प्रबंधक संजय शास्त्री ने कहा कि श्रीदर्शन महाविद्यालय का नाम संस्कृत शिक्षा में अलग है। कैबिनेट मंत्री सुुबोध उनियाल ने कहा कि श्रीदर्शन महाविद्यालय महाविद्यालय को उनकी तरफ से जो भी सहायता चाहिए, उसके लिए वह हर समय तैयार हैं। कार्यक्रम में छात्रों को छात्रवृत्ति भी बांटी गई। इस दौरान समाजसेवियों और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वामी विश्वास दास महाराज, प्रमोद दास महाराज, जगदीश प्रपन्नाचार्य, मनोज प्रपन्नाचार्य, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, स्वामी गुरुचरण मिश्र, भानुमित्र शर्मा, आईडी जोशी, हृदयराम सेमवाल, आशाराम व्यास, वेदप्रकाश धींगड़ा, डॉ. माधव मैठाणी और अनूप रावत आदि उपस्थित थे।
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