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50 वर्ष का फार्मूला लागू हुआ तो 43 कर्मचारी बैठेंगे घर

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ऋषिकेश। यदि रोडवेज मुख्यालय की ओर से वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्कीम) देने में यदि 50 साल वाला फार्मूला लागू हुआ तो ऋषिकेश रोडवेज डिपो के 43 कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। जो अक्षम चालक-परिचालक है वह भी इस दायरे में आएंगे।
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ऋषिकेश रोडवेज डिपो में वर्तमान में करीब 150 स्थायी कर्मचारी हैं। इनमें कई चालक-परिचालक अक्षम हैं। वह रूट पर नहीं जाते, उन्हें टाइम कीपर, क्लर्क और कार्यालय सहायक की जिम्मेदारी दी गई है। रोडवेज मुख्यालय से 800 कर्मचारियों को वीआरएस देने की योजना है। इसको लेकर मुख्यालय स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। यदि वीआरएस देने के लिए 50 साल वाला फार्मूला लागू हुआ तो डिपो से 15 चालक, 10 परिचालक, 18 बाबूओं को वीआरएस के लिए आवेदन करना होगा। सूत्रों का कहना है कि इस फार्मूले से डिपो के 50 प्रतिशत स्थायी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। रोडवेज में 1989 के बाद स्थायी भर्ती नहीं हुई है। केवल मृतक आश्रित और गिने चुने कर्मचारी डिपो में रह जाएंगे। बताया जा रहा है कि रोडवेज के 18 डिपो में जितने भी अक्षम चालक-परिचालक और मैकेनिक हैं वह रोडवेज पर भार साबित हो रहे हैं। 800 कर्मचारियों को वीआरएस दिया जाता है तो रोडवेज को हर माह चार करोड़ रुपये का फायदा होगा। संवाद
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अभी रोडवेज मुख्यालय की ओर से कर्मचारियों के वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्कीम) के आवेदन जमा करने के लिए कोई भी आदेश नहीं आया है। जैसे ही आदेश आएगा कर्मचारियों से फार्म भरवाए जाएंगे। मुख्यालय से जैसी सूची बनाने को कहा जाएगा वैसी सूची बनाई जाएगी।
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-पीके भारती, एजीएम, ऋषिकेश रोडवेज डिपो
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