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धर्मशालाओं के आंगन में रहने के भी वसूल रहे 30 रुपये प्रति यात्री शुल्क

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चारधामा यात्रा चरम पर है। केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम का स्लॉट फुल होने के कारण तीर्थयात्रियों का केवल बदरीनाथ धाम का पंजीकरण हो रहा है। अन्य धामों का पंजीकरण के लिए तीर्थयात्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है। इसके लिए तीर्थयात्रियों को करीब एक सप्ताह से अधिक का समय भी लग रहा है। ऐसे में तीर्थयात्रियों के सामने रहने, खाने और सोने की समस्या पैदा हो गई हैं। शासन प्रशासन की ओर से इन यात्रियों के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया हैं। कई यात्री आईएसबीटी परिसर में खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं। तो कई यात्री होटल, धर्मशाला और रेन बसेरों में जाकर अपने जेब कटवा रहे हैं। तीर्थयात्रियों की कहनी, उनकी जुबानी...,
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बीते मंगलवार को हम लोग ऋषिकेश पहुंचे । दल में 80 लोग हैं। चारधाम यात्रा करनी है। लेकिन यहां अभी केवल बदरीनाथ धाम का पंजीकरण हुआ है। धर्मशालाओं में एक कमरे का 1500 से दो हजार रुपये लिया जा रहा है। इसके चलते आईएसबीटी परिसर में खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं। -सुजान सिंह राजपूत ग्वालियर, एमपी
मध्यप्रदेश से 120 लोगों को दल चारधाम यात्रा के लिए निकला है। बीते 14 मई से आईएसबीटी परिसर में अपना ठिकाना जमा रखा है। केवल बदरीनाथ और गंगोत्री धाम का पंजीकरण हुआ है, लेकिन बस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यहां समस्याओं की सुध लेने वाला कोई नहीं है। -कौदुलाल, लालपुर, मध्यप्रदेश
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चारधाम की यात्रा पर निकले हैं। लेकिन अभी पंजीकरण न होने से धर्मशाला में ठहरना पड़ रहा है। इन दिनों धर्मशालाओं में कमरे के रेट भी आसमान छू रहे हैं। खाने और रहने की व्यवस्था स्वयं करनी पड़ रही है।
रामनाथ मिश्रा, अमेठी उत्तर प्रदेश
हम 60 लोग चारधाम यात्रा के लिए निकले हैं। पंजीकरण न होने से यहीं ठहरना पड़ रहा है। धर्मशालाओं के अंदर आंगन में रहने के लिए भी 30 रुपये प्रति यात्री शुल्क वसूला जा रहा है।- हेतराम, अयोध्या उत्तर प्रदेश
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