ऋषिकेश। कोतवाली क्षेत्र के श्यामपुर में कंस्ट्रक्शन कारोबारी के कार्यालय से 30 लाख उड़ाने वाले दो चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चोरी का मास्टरमाइंड पूर्व में कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यालय में ही काम करता था। आरोपियों के पास से पुलिस ने 22 लाख की नकदी और चोरी के दौरान इस्तेमाल किए गए सामान को बरामद किया है। दोनों पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी देहात स्वतंत्र कुमार के मुताबिक बीती 23 नवंबर को पुलिस को श्यामपुर स्थित एमएस कंस्ट्रक्शन में चोरी की घटना की सूचना मिली थी। कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक दीपक जुगलान पुत्र स्व. सत्य प्रसाद जुगलान निवासी श्यामपुर ऋषिकेश ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके श्यामपुर स्थित कार्यालय में दो अज्ञात चोर सेंधमारी कर आलमारी से 30 लाख 33 हजार रुपये चोरी कर ले गए हैं। पुलिस ने कंस्ट्रक्शन कारोबारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए कोतवाली पुलिस और एसओजी की एक संयुक्त टीम गठित की। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से चोरों के फिंगरप्रिंट एकत्र किए। वहीं पुलिस ने मुखबिर को सक्रिय करने के साथ संदिग्धों के ठिकानों में दबिश देनी शुरू कर दी। 22 संदिग्धों का सत्यापन भी किया गया। इसके अलावा 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। दोनों आरोपियों को भट्टोवाला तिराहा, श्यामपुर ऋषिकेश के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान दिनेश रावत (24) निवासी ग्राम हटनाली बनगांव, पोओ बनगांव, पट्टी दसगी, तहसील चिन्यालीसौड़ जिला उत्तरकाशी और पंकज पंवार (21) निवासी ग्राम इंद्रा टिपरी, पोओ टिपरी, पट्टी बिष्ट, थाना धरासू, तहसील चिन्यालीसौड़ जिला उत्तरकाशी के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से 22 लाख की नकदी, दो गर्म चादर, एक हथौड़ी और एक रस्सी बरामद हुई है। आरोपी दिनेश रावत पहले कंस्ट्रक्शन कंपनी में चपरासी के तौर पर कार्य कर रहा था। नौकरी छोड़ने के बाद वह कंस्ट्रक्शन कंपनी कार्यालय के बाहर फास्ट फूड का ठेला लगाने लगा था। दोनों आरोपियों पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
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रातोंरात लखपति बनने के चक्कर में की चोरी
चोरी के मास्टर माइंड दिनेश रावत ने बताया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी कार्यालय से नौकरी छोड़ने के बाद वह फास्ट फूड का ठेला लगाने लगा था, लेकिन ठेले में कम आमदनी के चलते वह आर्थिक संकट से जूझ रहा था। वह कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यालय के पैसे निकालने, पेमेंट लाने और बैंक में जमा कराने का काम करता था। उसे पता था कि कार्यालय में रोजाना कितना कैश रहता है, इसलिए उसने रातोंरात लखपति बनने के लिए चोरी की योजना बनाई। दिनेश ने बताया कि उसने अपने रिश्ते के साले पंकज पंवार को भी योजना में शामिल किया।