पिथौरागढ़। सीमांत जिले की महिलाओं का स्वास्थ्य भगवान भरोसे है। धारचूला, मुनस्यारी में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण चीन और नेपाल सीमा से लगे गांवों की गर्भवती महिलाएं 180 से अधिक किलोमीटर की यात्रा कर अल्ट्रासाउंड के लिए पिथौरागढ़ पहुंच रहीं हैं। उनको 1500 से 2000 रुपये तो सिर्फ यात्रा में खर्च करने पड़ रहे हैं। बरसात में सड़कें बंद होने के कारण उन्हें कई किमी की दूरी पैदल ही तय करनी पड़ती है। जन सेहत के प्रति गंभीर होने का दम भरने वाली सरकारों की संवेदनशीलता देखिए कि राज्य बनने के 20 साल बाद भी समस्या जस की तस है।
धारचूला के चीन सीमा पर बसे अंतिम गांव कुटी की पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से दूरी करीब 120 किमी है। यहां से धारचूला का किराया करीब 1200 रुपये और धारचूला से पिथौरागढ़ का किराया 350 रुपये है। ऐसे में महिलाओं को जिला अस्पताल पहुंचने में ही 1500 से अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। बरसात में तवाघाट-सोबला सड़क बंद होने से इन महिलाओं को 10 किमी से अधिक की पैदल यात्रा भी करनी पड़ रही है। ऐसा ही हाल गुंजी गांव का है। यहां की गर्भवती महिलाएं 176 किमी यात्रा कर अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल पहुंच रहीं हैं। इस यात्रा में गर्भवती महिलाओं को जोखिम भी बहुत है। इसके बाद भी शासन-प्रशासन को सीमांत की महिलाओं का दर्द नहीं दिखाई दे रहा है। मुनस्यारी के चीन सीमा से सटे धापा सहित कई अन्य गांवों की महिलाओं को भी अल्ट्रासाउंड के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उसी दिन अल्ट्रासाउंड की गारंटी नहीं
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में भी महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रहीं हैं। यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट लंबे समय से बीमार हैं। वह चाहकर भी सभी महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं कर पाते हैं। इस कारण गर्भवती महिला और उनके परिजनों को अपनी बारी के इंतजार में रात होटलों में गुजारनी पड़ती है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है।
अस्पतालों में धूल फांक रहीं मशीनें
पिथौरागढ़। धारचूला के अस्पताल के लिए कुछ समय पूर्व आईटीबीपी की सातवीं वाहिनी ने डिजिटल अल्ट्रासाउंड मशीन दी थी लेकिन रेडियोलॉजिस्ट न होने से ये मशीन धूल फांक रही है। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण मुनस्यारी में भी अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। अगर विभाग इन अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति कर दे तो लोगों को सहूलियत तो होगी ही उनका पैसा भी बचेगा।
बोली सीमांत की महिलाएं
लंबे समय से धारचूला, मुनस्यारी आदि अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी नियुक्ति नहीं की जा रही हैं। सीमांत के अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट न होने से चीन सीमा से सटे गांवों और मित्र राष्ट्र नेपाल की गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है। -अंजू रौंकली, ग्राम प्रधान रोंगकांग, प्रदेश महामंत्री ग्राम प्रधान संगठन।
धारचूला अस्पताल में आईटीबीपी की ओर दी गई अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। सरकार सीमांत की महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर कतई गंभीर नहीं है। चीन और नेपाल सीमा से सटे गांवों की महिलाओं को वाहन से 180 किमी से अधिक की दूरी और 10 से 15 किमी पैदल चलकर अल्ट्रासाउंड के लिए जिला मुख्यालय आना पड़ रहा है। -नंदा बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता।
हर माह शासन को भेज रहे रिक्त पदों की सूची : सीएमओ
सीमांत जिले के अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। रेडियोलॉजिस्ट मिलने पर अस्पतालों में नियुक्ति कर दी जाएगी। अन्य रिक्त पदों की सूचना भी हर माह शासन को भेजी जा रही है। - डॉ. एचसी पंत, सीएमओ पिथौरागढ़।
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मामले को विधानसभा में उठाएंगे : विधायक
भाजपा के शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतर गई है। लंबे समय से रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की मांग की जा रही है। इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। - हरीश धामी, विधायक धारचूला।