धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा और दारमा-चौदास को जोड़ने वाली सड़कें तीन माह बीतने के बाद भी नहीं खुल सकी हैं। सड़कों के बंद होने से सीमांत के लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों का आरोप है कि हेली सेवा का लाभ भी सभी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। इसके खिलाफ अब लोगों ने सोशल मीडिया में शासन-प्रशासन हेली सेवा बंद करो, शीघ्र सड़क खोल दो बस एक मेहरबानी करो की मांग का स्लोगन लगाना शुरू कर दिया है।
जून में आई भीषण आपदा से धारचूला से दारमा, व्यास और चौदास को जोड़ने वालीं सड़कें ध्वस्त हो गई थीं। दारमा और चौदास घाटियों के लिए जाने वालीं सड़कों का बड़ा हिस्सा बह जाने और भारी मात्रा में मलबा आने से तीन माह बीतने के बाद भी यातायात बहाल नहीं हो सका है।
सरकार ने आपदा काल में हेलीकॉप्टर तैनात किया है, जिससे गांवों में फंसे लोगों के साथ ही बीमार व बुजुर्गों को लाने और प्रवास पर जाने वाले लोगों को गांवों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। बीमार और आपदा में फंसे लोगों को छोड़कर अन्य से तीन हजार रुपये किराया लिया जा रहा है लेकिन लोग इस सेवा से संतुष्ट नहीं हैं।
लोगों का कहना है कि हेली सेवा केवल कुछ प्रभावशाली या जनप्रतिनिधियों के खास लोगों के लिए रह गई है। आम जनता को तीन हजार रुपये खर्च करके भी समय पर हेली सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सड़क खुली होने पर वह लोग जीप का मात्र 600 रुपये किराया देकर गांव तक पहुंच जाते हैं। लोगों का कहना है कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क के 90 दिन बाद भी नहीं खोलना बड़ी असफलता है।
बीमार महिला को पीठ पर रखकर पहुंचाया धारचूला अस्पताल
धारचूला। सीमांत में आपदा काल में तैनात की गई हवाई सेवा का लाभ सभी जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। रविवार को सोबला क्षेत्र के खेत गांव निवासी कलावती देवी (60) का स्वास्थ्य खराब हो गया था। सोबला जाने वाली सड़क कंज्योति, खेत और नारायणनगर में बंद है। सड़क बंद होने और हेली सेवा की अनिश्चितता के कारण पहले लोगों ने पीठ पर रखकर बीमार महिला को तवाघाट तक पहुंचाया। इसके बाद वहां से वाहन के जरिये धारचूला अस्पताल पहुंचाया।
सड़क नहीं खुलने पर अनशन पर बैठने की चेतावनी
धारचूला। तीन माह से बंद सड़क के नहीं खुलने से सीमांत के लोगों में गहरी नाराजगी है। जिला पंचायत सदस्य आन सिंह रौकाया का कहना है कि घाटी क्षेत्रों में सरकारी राशन समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। तीन माह से लोग परेशान हैं। पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। सामरिक महत्व की सड़क होने के बावजूद अभी तक नहीं खोला जा सका है। हेलीकॉप्टर से कोई विशेष लाभ जनता को नहीं मिल रहा है। कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क नहीं खोली जाती है तो उन्हें अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। संवाद
सीपीडब्लूडी और बीआरओ के लगातार संपर्क में हैं। शीघ्र खोलने के निर्देश दिए हैं। मौसम अनुकूल नहीं होने से सड़क खोलने के काम में बाधा पहुंच रही है। - अनिल कुमार शुक्ला, एसडीएम धारचूला।