गंगोलीहाट/पिथौरागढ़। जल संस्थान के संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण गंगोलीहाट में पेयजल संकट गहरा गया है। 27 गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। पानी जुटाने के लिए दिन तो दूर आधी रात को भी लोग हैंडपंपों की ओर दौड़ रहे हैं।
मानदेय बढ़ाने सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर जल संस्थान के संविदा कर्मी पिछले चार दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं। संविदा कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से विभिन्न पेयजल योजनाओं में पानी लिफ्ट होने से लेकर वितरण तक का कार्य प्रभावित हो गया है। नलों में पानी की आपूर्ति ठप होने से लोगों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है। नगर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों की जलापूर्ति भी प्रभावित हो गई है। इन दिनों गांवों में फसल समेटने और घास काटने का काम चल रहा है। ऐसे में पानी की आपूर्ति करना किसी चुनौती से कम नहीं है। परिवार के अधिकतर लोगों के खेती बाड़ी में व्यस्त होने से अब बच्चे पानी ढोने के लिए मजबूर हैं।
गंगोलीहाट में हड़ताली जल संस्थान कर्मियों ने रविवार को भी कार्य बहिष्कार किया। मनोज सिंह, अनिल पंत, प्रमोद कुमार, बसंत पाठक, सुभाष राम, भगवान सिंह, नरेश कुमार, हेमंत, कमल रावल, गरिमा पाठक, कमल पाठक, शेखर साह, होशियार सिंह हड़ताल पर रहे।
पिथौरागढ़ में आंदोलित संविदा कर्मियों ने रविवार को भी दिया धरना
पिथौरागढ़। उत्तराखंड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ का धरना प्रदर्शन चौथे दिन रविवार को भी जारी रहा। सभी कर्मियों ने जल संस्थान कार्यालय के परिसर में अध्यक्ष सुरेश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में धरना दिया। इस अवसर पर अध्यक्ष ने कहा कि उनके आंदोलन की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता है आंदोलन जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में मंत्री अंबादत्त पांडे, दिनेश चंद्र, अशोक सिंह महर, महेश, अनिल कुमार, दयाकिशन आदि कर्मी मौजूद रहे। कर्मियों की हड़ताल से पिथौरागढ़ शहर के जीआईसी में तीसरे दिन भी सुबह पानी की आपूर्ति ठप रही। पानी नहीं आने से लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग महादेव धारे से पानी ढोने के लिए मजबूर हो रहे हैं।