सतगढ़ में पुस्तकालय के उद्घाटन अवसर पर मौजूद साहित्यकार और गांव के युवा। संवाद
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पिथौरागढ़। ग्रामीणों के सहयोग से सतगढ़ गांव में प्रेरणा पुस्तकालय खुल गया है। रविवार को पुस्तकालय का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस मौके पर शिक्षकों और साहित्यकारों ने कहा कि पुस्तकालय और पुस्तकें मनुष्य निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
पीतांबर कापड़ी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी विद्यासागर कापड़ी ने गांव में खुले पुस्तकालय को सुनहरे भविष्य के लिए एक मजबूत नींव बताया। उन्होंने पुस्तकालय के रखरखाव के लिए हर संभव आर्थिक मदद देने की बात कही। साथ ही और अधिक पुस्तकें उपलब्ध कराने का वादा किया। शिक्षक साहित्यकार चिंतामणि जोशी ने कहा कि गांव में इस तरह की पहल स्वागत योग्य है। साहित्यकार दिनेश भट्ट ने गांव में शिक्षा की बेहतरी और पुस्तक संस्कृति को विकसित करने के लिए पुस्तकालय को आशा की किरण बताया। राज्य आंदोलनकारी चंद्रशेखर कापड़ी ने एक बेहतर समाज के निर्माण में किताबों की भूमिका पर प्रकाश डाला। पुस्तकालय समिति के संजय ने पुस्तकालय बनने की यात्रा बताते हुए कहा कि गांव के जागरूक लोगों और ऊर्जावान युवाओं के सहयोग से ही यह संभव हो पाया। पुस्तकालय में बाल साहित्य, कविताएं, कहानियां, उपन्यास, प्रतियोगी परीक्षाओं, जीवनियां की किताबें उपलब्ध हैं। कार्यक्रम में राजेंद्र कापड़ी, लक्ष्मी दत्त, चंद्रशेखर, शेखर कापड़ी, दीपक थापा, अमित आदि थे।