पिथौरागढ़। सीमांत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के भवन पूरी तरह बदहाल हैं। बावजूद इसके इन भवनों को ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
गंगोलीहाट ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय बुंगली भी पूरी तरह बदहाल हो गया है। इस भवन के छत में लगा सरिया दिखने लगा है। बारिश के समय में छत टपकती है। विद्यालय का फर्श भी पूरी तरह खराब हो गया है। इसके बाद भी भवन की मरम्मत के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
गंगोलीहाट ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय बुंगली पिछले कई समय से बदहाल है। अभिभावक और शिक्षक कोई हादसा ना हो इसलिए लंबे समय से विद्यालय भवन को ठीक करने की मांग कर रहे हैं।
इसके बाद भी विद्यालय को ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। वर्तमान में विद्यालय में 47 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण शिक्षक भी मजबूरन बच्चों को इसी बदहाल भवन में पढ़ाने को मजबूर हैं।
धूप के मौसम में शिक्षक बच्चों को मजबूरन विद्यालय के बाहर बिठाकर पढ़ाते हैं, लेकिन बारिश होने पर उन्हें मजबूरन बच्चों को विद्यालय भवन में बिठाना पड़ता है। बरसात के समय में ही छत के क्षतिग्रस्त होने का खतरा अधिक है।
एसएमसी अध्यक्ष संतोष सिंह का कहना है कि विद्यालय भवन नया बनाने की मांग के लिए वह कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों से बात कर चुके हैं। इसके बाद भी विद्यालय भवन को ठीक नहीं किया जा रहा है। उन्होंने शीघ्र विद्यालय भवन बनाने की मांग की है।
शासन को क्षतिग्रस्त विद्यालयों का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से राशि मिलते ही विद्यालय भवन को ठीक करा लिया जाएगा।
एके जुकरिया, सीईओ पिथौरागढ़।