डीडीहाट/थल/अस्कोट। सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों रामलीला की धूम मची हुई है। डीडीहाट के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला मंचन के पहले दिन नारद मोह और राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन के जन्म की लीला का मंचन किया गया। थल की रामलीला में स्वयंवर के लिए जनकपुर पहुंचने और अस्कोट की रामलीला में आकाशवाणी के माध्यम से भगवान के नर रूप धारण कर देवों और लोगों के दुख हरने का मंचन किया गया।
डीडीहाट में रामलीला का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष कमला चुफाल ने किया। पहले दिन की रामलीला मंचन में नटी सूत्रधार के श्री राम की लीला को जन समूह के समक्ष रखने का अभिनय किया गया। नारद मोह में नारद का तप करना, इंद्र के के कामदेव को नारद की तपस्या को भंग करने के लिए भेजना, कामदेव का तपस्या भंग करने के असफल होना, नारद को घमंड आना, नारद को राजा शीलनीधी की पुत्री विश्व मोहनी से विवाह करने के लिए विष्णु से हरि रूप मांगना, नारद को भगवान विष्णु के बंदर रूप देना, नारद का कोध्र में आकर भगवान विष्णु को श्राप देना, रावण का अपने दोनों भाईयों कुभंकर्ण और विभीषण के साथ शिव तपस्या कर वरदान मांगने और नारद के रावण को कैलाश पर्वत को उठाकर लंका ले जाने के लिए उकसाने, रावण का कैलाश पर्वत को उठाने का असफल प्रयास करना आदि का मंचन किया गया। नारद की भूमिका में संजू पंत और रावण की भूमिका में प्रकाश बोरा ने निभाई। हारमोनियम में कविंद्र बिष्ट और तबले में दीपक कुमार ने संगत दी। वक्ता मैनेजर की भूमिका में अशोक खड़ायत रहे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष ललित भंडारी ने बताया कि इस वर्ष रामलीला को बेहतरीन बनाने के लिए लाइट और साउंड इफेक्ट कर कार्य किया गया है।
आयसु दीजै कृपा निधाना देखूं ये शंकर चापे पुराना ...
थल (पिथौरागढ़)। रामलीला के तीसरे दिन मुनि विश्वामित्र का राजा जनक के निमंत्रण में शामिल होने के लिए राम लक्ष्मण सहित धनुषयज्ञ में पहुंचने के बाद परशुराम लक्ष्मण संवाद तक की लीला का मंचन किया गया। रामलीला मंचन का मुख्य आकर्षण रावण-बाणासुर से संवाद और राम सीता विवाह रहा। राम के पात्र भरत महर, लक्ष्मण प्रियांशु जोशी, सीता मोहित महर, विश्वामित्र कृष्ण गोपाल पंत, जनक का किरदार मनोहर आर्या ने निभाया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि थल तहसीलदार भूपाल सिंह रौतेला, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गोवर्धन कापड़ी, रजिस्ट्रार कानूनगो सुरेश गोस्वामी, कानूनगो शंकर लाल वर्मा, नायब नाजिर पुष्पा बसेड़ा थी। कमेटी के संरक्षक गंगा सिंह मेहता, दान सिंह बिष्ट, सीमा बिष्ट, कमेटी के अध्यक्ष दिनेश पाठक, सचिव अर्जुन सिंह रावत, कोषाध्यक्ष प्रवीण जंगपांगी,वक्ता मैनेजर नरेंद्र सौन मौजूद रहे।
अस्कोट की रामलीला में बड़ी संख्या में आ रहे हैं श्रद्धालु
अस्कोट(पिथौरागढ़)। अस्कोट की रामलीला में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं। कलाकारों ने नटी सूत्रधार देवराज इंद्र के साथ दुखित देवतागणों का ब्रह्मलोक और विष्णुलोक प्रस्थान भगवान विष्णु के आकाशवाणी के माध्यम से देवगणों के दु:ख और कष्टों के हरने के लिए नर रुप धारण करने का आश्वासन देने का मंचन किया गया। पहले दिन मुख्य अतिथि अस्कोट राजवंश के युवराज महीराज सिंह पाल और उनकी धर्मपत्नी एश्वर्या पाल ने दीप जलाकर रामलीला का शुभारंभ किया। वहां भानुराज पाल, प्रदीप पाल, विक्रम पाल, खड़क सिंह भंडारी, तनुज पाल, गोविंद भंडारी आदि थे।