पिथौरागढ़। चीन में फैल रहे वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। किसी तरह का मामला आने पर जिला अस्पताल के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी बेड लगाए गए हैं।
बुधवार को शासन स्तर पर हुई वीसी में प्रभारी सीएमओ डॉ. जेएस नबियाल ने व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के सरकारी अस्पताल, मेडिकल काॅलेज और निजी अस्पतालों में 691 बेड हैं। 315 बेड आक्सीजन और 204 बिना ऑक्सीजन वाले हैं। इसमें 172 ऑक्सीजन युक्त बच्चों, 14 आईसीयू और 12 एसएनसीयू, पांच पीआईसीयू, 20 एनबीएसयू बेड हैं।
इसके अलावा जिला अस्पताल में 10 वेंटिलेटर और सेना अस्पताल में दो हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में 200 और 600 एलपीएम, बेस में एक हजार एलपीएम, सीएचसी धारचूला में 300, डीडीहाट में 20, मुनस्यारी में 110 और गंगोलीहाट में 150 एलपीएम के क्रियाशील ऑक्सीजन प्लांट हैं।
उन्होंने बताया कि बीमारी से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। विभाग ने पीएचसी कनालीछीना में बच्चों के लिए पांच, सीएचसी गंगोलीहाट में छह, बेड़ीनाग में चार, मुनस्यारी, डीडीहाट, धारचूला में पांच-पांच शय्या बनाए हैं।
इन्फ्लूएंजा फ्लू को लेकर चंपावत का स्वास्थ्य महकमा चौकन्ना
चंपावत जिले के तीनों प्रमुख अस्पतालों में टीम का गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। चीन में बच्चों और किशोरों में फैल रहे निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू को लेकर चंपावत जिले का स्वास्थ्य महकमा भी चौकन्ना हो गया है। निमोनिया और इन्फ्लूएंजा के लक्षणों पर नजर रखने के लिए चंपावत जिला अस्पताल, लोहाघाट, टनकपुर उप जिला अस्पताल, पाटी और बाराकोट के पीएचसी में टीम गठित कर दी गई है।
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसी भी तरह के मिलते-जुलते लक्षण दिखने पर तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। चंपावत जिले में छह आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सुविधा वाले 66 बेड, और 13 वेंटिलेटर बेड हैं। इसके अलावा एनबीयूएस (नवजात शिशु स्टेबलाइजेशन) की दो यूनिट हैं। जिले के तीनों प्रमुख अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट और 654 डी टाइप और 336 बी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर हैं।