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जेल से सुपारी की आशंका को जेलर ने किया खारिज

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हत्या की सुपारी लेने के मामले में जेल में बंद कुख्यात नरेंद्र वाल्मीकि का नाम सामने आने के कारण पौड़ी जेल प्रशासन भी सतर्क हो गया है। हालांकि, जेलर डीपी सिन्हा का कहना है कि जेल में मोबाइल के इस्तेमाल या कैदियों से लोगों के मिलने पर प्रतिबंध है। लेकिन हो सकता है कि अदालत में सुनवाई के दौरान ही उसके संपर्क में लोग आए हों।
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कुख्यात अपराधी नरेंद्र वाल्मीकि जिला कारागार खांड्यूसैण पौड़ी में वर्ष 2018 से बंद है। उसके खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से तीन में उसे सजा हो चुकी है और पांच में सुनवाई चल रही है। जबकि हत्या के एक मामले में वह दोषमुक्त हो चुका है। जिला कारागार प्रशासन ने नरेंद्र वाल्मीकि द्वारा जेल के भीतर से हत्या की सुपारी लेने की आशंका से साफ इंकार किया है। साथ ही बताया कि एसटीएफ को तलाशी के दौरान भी नरेंद्र से कुछ नहीं मिला।
जेलर डीपी सिन्हा ने बताया कि नरेंद्र वाल्मीकि को तीन मामलों में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। जेलर ने बताया कि रविवार को एसटीएफ की टीम जेल में आई थी। उन्हें नरेंद्र से कोई भी सामान नहीं मिला। उन्होंने बताया कि जेल में किसी भी प्रकार की संचार सेवा के उपयोग पर प्रतिबंध है। कोरोनाकाल से अपराधियों से मिलना-जुलना भी प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि जेल के भीतर से सुपारी लिए जाने की संभावना नहीं है। लेकिन सुनवाई के दौरान नरेंद्र के रुड़की, हरिद्वार आने-जाने के दौरान न्यायालय परिसर में मिलने-जुलने वालों के माध्यम से ही इस तरह की घटना हो सकती है। हालांकि, जेलर ने इसे भी सिर्फ आशंका बताया है।
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