यदि मुख्यमंत्री की घोषणा धरातल पर उतरी तो कीर्तिनगर में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के आवास की समस्या का निराकरण हो जाएगा।
टिहरी जिले में कीर्तिनगर में परगना मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय और आवासीय भवन पहले से स्थापित हैं। जनता की मांग पर 14 जून 2016 को प्रदेश शासन ने कीर्तिनगर को तहसील का दर्जा दिया लेकिन इसके साथ भवनों की व्यवस्था नहीं की गई। इससे यहां तैनात अधिकारी/कर्मचारियों को आवास संबंधी दिक्कत हो रही है। वर्तमान में तहसील में तहसीलदार व नायब तहसीलदार समेत लगभग 8 पद सृजित हैं। सरकारी आवास न होने की वजह से तहसील कर्मियों को आवास के लिए भटकना पड़ता है। इसे देखते हुए क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से तहसीलदार, नायब तहसीलदार, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समेत अन्य कर्मचारियों के लिए आवास स्वीकृत कराने की मांग की थी। 31 अक्तूबर को चौरास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इस मांग पर मुहर लगा दी।
कोट :
एसडीएम/तहसील कार्यालय के पास जमीन उपलब्ध है। यहां भवनों का निर्माण हो जाएगा।-सुनील राज, तहसीलदार कीर्तिनगर