किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत ने दस साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 15 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जबकि इसी मामले के एक अन्य आरोपी को दोष मुक्त पाते हुए बरी कर दिया गया। न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को उचित मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए हैं।
श्रीनगर क्षेत्र में एक किशोरी 17 मई 2019 को सामान खरीदने बाजार गई थी। इसी दौरान संजय सेमवाल व रजत पटेल उसे बहला-फुसलाकर स्कूटी से पहले कीर्तिनगर ले गए थे। आरोप है कि उन्होंने यहां किशोरी को बीयर पिलाई। इसके बाद वे उसे संजय सेमवाल की मौसी के घर पौड़ी ले गए। वहां संजय ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता 18 मई 2019 को घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। किशोरी की मां की तहरीर पर महिला थाना श्रीनगर में संजय सेमवाल व रजत पटेल के खिलाफ पोक्सो, अपहरण व दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इस बीच पीड़िता बालिग भी हो गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश सिकन्द कुमार त्यागी की अदालत ने संजय सेमवाल निवासी बद्रीनाथ रोड श्रीनगर को अपहरण व दुष्कर्म का दोषी पाया। अदालत ने दोषी को अपहरण में पांच और दुष्कर्म में दस साल की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जबकि दूसरे आरोपी रजत पटेल पुत्र प्रदीप चंद्र निवासी मिस्त्री मोहल्ला श्रीनगर को अपहरण के मामले में दोषमुक्त करार दिया गया।