जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में एसआईटी की टीम को अवैध नियुक्तियों से जुड़े सभी दस्तावेज मिल गए हैं। एसआईटी की तीन सदस्यीय टीम ने संस्थान पहुंचकर अवैध नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की, जिसमें टीम को इस संबंध में कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद टीम ने अवैध नियुक्तियों व भ्रष्टाचार की जांच में जुट गई है।
मंगलवार को जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में एसआईटी टीम के सदस्य सीओ सदर पीएल टम्टा, एसएसआई महेश रावत व तकनीकी विशेषज्ञ प्रो. आरपी गुप्ता ने दूसरी बार छापा मारा। टीम ने इससे पहले 24 व 25 जनवरी को दो दिनों तक संस्थान में हुई अवैध नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज खंगाले थे, जिसमें वर्ष 2018-19 में संस्थान में कुलसचिव, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर हुई नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेजों को कब्जे में लेकर सीलबंद किया था। संस्थान के निलंबित कुलसचिव संदीप कुमार पर अवैध तरीके से नियुक्तियों के आरोप लगाए गए हैं, जिसमें उनकी कुलसचिव पद पर नियमित नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए हैं। मामले में विभिन्न संगठनों के साथ ही संस्थान के कर्मचारी संगठन ने लगातार आंदोलन किया। मामले में शासन ने कुलसचिव संदीप कुमार को 20 सितंबर 2021 को निलंबित कर दिया था। स्क्रीनिंग कमेटी, सलेक्शन कमेटी से जुड़े दस्तावेज गायब होने पर उनके खिलाफ कार्यवाहक कुलसचिव डा. संजीव नैथानी ने 30 अक्तूबर 2021 को पौड़ी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। शासन ने 29 नवंबर 2021 को मामले में एसआईटी का गठन किया था, जिसका अध्यक्ष एसएसपी पौड़ी को बनाया गया है। एसआईटी को पहले अवैध नियुक्तियों व भ्रष्टाचार की जांच करनी थी, लेकिन बाद में एसआईटी को कुलसचिव के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच भी सौंप दी गई। एसआईटी टीम के सदस्य व सीओ सदर पीएल टम्टा ने बताया कि टीम ने पहला छापा मारकर अवैध नियुक्तियों से जुड़े अहम दस्तावेज कब्जे में लेकर सीलबंद किए थे। नियुक्तियों से जुड़े सभी दस्तावेज मिल गए हैं। बताया कि संस्थान प्रशासन को मामले में अब भी किसी भी स्तर पर कोई दस्तावेज मिलते हैं, तो उसकी सूचना तत्काल एसआईटी को दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि दस्तावेजों की जांच के बाद अब टीम अवैध नियुक्तियों व भ्रष्टाचार की जांच में जुट गई है।