पुल का निर्माण शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
देवप्रयाग। गंगा नदी पर बना बखलेर झूला पुल पिछले चार वर्षों से बंद होने से दर्जनों गांव की जनता को आठ से 15 किलोमीटर का चक्कर लगाकर नदी के दूसरी और जाना पड़ रहा है। टिहरी और पौड़ी जिले के सैकड़ो गांवों को जोड़ने वाला यह पुल जर्जर होने के बाद लोनिवि ने वर्ष 2020 में इस पर लोगों की आवाजाही बंद कर दी थी।
देवप्रयाग से करीब 13 किलोमीटर आगे बखलेश्वर महादेव के समीप टिहरी और पौड़ी जिले के भरपूर, दोगी, बलेणस्यु व तल्ला ढांगू पट्टी के सैकड़ों गावों को जोड़ने वाला झूला पुल स्थित है। पुल से श्रद्धालु तीर्थस्थल डांडा नागराजा, व्यासघाट, चमराड़ा देवी, रामकुंड जाते हैं। पौड़ी जिले के कई गांवों के लोग इस पुल से बछेलीखाल में राष्ट्रीय राजमार्ग तक भी पहुंचते थे। अब उन्हें गंगा नदी के पार बछेलीखाल आनेजाने के लिए आठ किमी दूर पंत गांव झूला पुल से जाना पड़ रहा है।
ऋषिकेश जाने के लिए भी ग्रामीणों को 15 किमी आगे महादेव चट्टी के पास बने झूला पुल से होकर राजमार्ग तक पहुंचना पड़ता है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदीश चंद्र आर्य ने बताया कि वर्ष 2019 में पुल की मरम्मत या नवनिर्माण के लिए गढ़वाल आयुक्त को ग्रामीणों की ओर से ज्ञापन प्रेषित किया गया था। मगर अभी तक झूला पुल पर कोई कार्य शुरू नही हुआ है। अब एक बार फिर जिलाधिकारी टिहरी, पौड़ी और लोनिवि पौड़ी और लोनिवि नरेंद्रनगर को ग्रामीणों ने पुल के शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन दिया है। कहा कि अगर पुल निर्माण के लिए जल्द बजट स्वीकृत नहीं किया गया, तो जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।