एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में उत्तराखंड का 21वां स्थापना वर्ष अपेक्षा और वास्तविकता पर विषय परिचर्चा का आयोजन किया गया।
परिचर्चा का शुभारंभ करते हुए राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. एमएम सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड को बने 21 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस दौर में राजनीतिक अस्थिरता के कारण दीर्घकालीन नीतियों का लगातार अभाव रहा है। इस वजह से राज्य का संपूर्ण विकास नहीं हो पाया है। डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की मांग का सबसे प्रबल कारण विकास का मुद्दा था लेकिन उत्तराखंड उन्हीं मुख्य कारणों से कहीं पीछे रह गया है। इसका प्रतिबिंब हमें उत्तराखंड में हो रहे पलायन के रूप में दिखता है। शोध छात्रा शिवानी पांडे ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है लेकिन यहां के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ यहां की जनता नहीं उठा पा रही है। शोध छात्र मयंक ने कहा कि जिन उम्मीदों से हमने उत्तराखंड राज्य को बनाने की मांग की वह अभी पूर्ण नहीं हो पाई है। इस अवसर पर बबीता, वीरेंद्र बिष्ट, ज्योति कुकरेती, अभय प्रताप सिंह व सौरव सिंह महर ने विचार रखे।