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जेठ-जेठानी व सास-ननद के खिलाफ मुकदमा

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तहसील चौबट्टाखाल की राजस्व पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर आखिरकार 22 दिन बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता ने सास, ननद, जेठ व जेठानी पर मारपीट, गाली-गलौज, घरेलू हिंसा सहित अन्य आरोप लगाते हुए राजस्व पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन तहरीर दिए जाने के 21 दिनों तक राजस्व पुलिस ने मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया था। हालांकि कार्रवाई के नाम पर राजस्व पुलिस ने मामले में पीड़िता व आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग का चालान जरूर काटा था।
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तहसील चौबट्टाखाल के संतूधार बड़ेथ निवासी शांति बिडालिया ने राजस्व पुलिस को 22 जून की शाम सास, ननद, जेठ व जेठानी पर मारपीट, गाली-गलौज व घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी, लेकिन राजस्व पुलिस ने मामले में 21 दिनों तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़िता ने बताया था कि गत 21 जून को वह बच्चों सहित कोटद्वार से ससुराल संतूधार बड़ेथ आई थी। जहां 22 जून की सुबह पति के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो रही थी। इसी बीच सास, ननद, जेठ व जेठानी ने उसके साथ मारपीट की। कहा कि पति ने घटना के दिन मारपीट नहीं की, लेकिन मारपीट के दौरान मेरा बचाव भी नहीं किया। मामले में राजस्व पुलिस की हीलाहवाली पर अमर उजाला ने 13 जुलाई के अंक में महिला की शिकायत पर दर्ज नहीं हुआ मुकदमा शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद राजस्व पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। रिंगवाडस्यूं प्रथम क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक रिकंज रावत ने बताया कि पीड़ित महिला की सास, ननद, जेठ व जेठानी के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर ली है।
राजस्व उपनिरीक्षक ने बताया कि मामले में शांतिभंग के चालान की सुनवाई में दोनों पक्ष उपस्थित हुए, लेकिन एसडीएम चौबट्टाखाल की अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। वहीं महिला ने आरोप लगाया कि शांतिभंग की सुनवाई के दौरान भी सास, ननद व जेठानी ने तहसील परिसर में भी उसके साथ झगड़ा किया।
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