1- 20 साल तक मेरे पति जंगलों की आग बुझाते रहे, कभी अपने काम में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन आज उसी जंगल की आग के कारण मेरे परिवार का सहारा ही नहीं गया, बल्कि मेरा पूरा परिवार टूट कर रह गया है। इसलिए अब कभी मेरे बच्चे जंगल नहीं जाएंगे, यह बात कही बिनसर में वनाग्नि की चपेट में आकर मारे गए वन कर्मी दीवार राम की पत्नी प्रेमा देवी ने। उसने कहा कि अब आग का नाम सुनते ही वह सिहर उठती है। ऐसे में वह अपने बच्चों को फिर से जंगल की आग बुझाने के लिए कैसे भेज सकती हैं।