चोरी करना अपराध है, जिसकी सजा कानून दे सकता है लेकिन भगवान के घर में चोरी करने के पाप की सजा कानून के साथ ही ईश्वर भी देता है। शायद इसी धारणा को मानते हुए मंदिरों के कपाटों पर कभी ताला नहीं लगाया जाता। अब इसे दुस्साहस कहें या मजबूरी... कि एक युवक ने मंदिर में चोरी कर डाली, लेकिन यह चोर शायद दिल का थोड़ा साफ था, जिसने चोरी से पहले हाथ धोए, अपनी चप्पलें उतारीं, भगवान को प्रणाम किया और फिर मंदिर से मूर्ति, लोटा, घंटी और अन्य सामान चुरा लिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है।
यह अजीबोगरीब चोरी की घटना बुधवार को रामनगर के कोसी बैराज पर चाय की दुकान के पास बने छोटे से मंदिर में अंजाम दी गई। यहां गुप्ता टी-स्टाॅल के पास खुले में ही बालाजी महाराज का मंदिर बना हुआ है, जिसमें राम दरबार की पीतल की मूर्तियां, तांबे का लोटा, घंटी आदि पूजन सामग्री रखी हुई हैं। कई लोग भगवान को मत्था टेकने के साथ ही रुपये दान भी करते हैं। बुधवार को एक चोर मंदिर के पास पहुंचा और उसने मंदिर में रखे सामान को देखा तो उसे चुराने की ठान ली।
भगवान के घर में चोरी करने से शायद उसे डर भी लग रहा था इसलिए चोर ने सबसे पहले हाथ धोने के लिए बनाई गई टंकी के पास जाकर वहां रखे साबुन से अच्छे से हाथ धोए, फिर चप्पलें उतारीं और हाथ जोड़कर भगवान को प्रणाम कर चोरी के लिए माफी मांगी। इसके बाद उसने मूर्तियों और लोटे को उठाकर जेब में रख लिया और जाने लगा लेकिन मन का लालच अभी खत्म नहीं हुआ और चोर दोबारा मंदिर के पास आया, जिसके बाद घंटी भी चुरा ली और चलता बना। यह सारी घटना वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो रही थी, जिससे चोर बेखबर था।