रामनगर (नैनीताल)। रामनगर तहसील के अंतर्गत राजस्व ग्राम चुकुम के ग्रामीण स्कूल, खुले आसमान और जंगल में टेंट लगाकर रहने के लिए मजबूर हैं। बीते दिनों आई आपदा में करीब 20 घर ढह गए या बह गए। कई एकड़ खेत और धान की फसल भी पानी में बह गई। गांव में खेत खलियान भी रोखड़ बन गए।
बाढ़ के बाद चुकुम गांव में हालात बेहद खराब है। बृहस्पतिवार को प्रशासनिक टीम राफ्ट से चुकुम गांव पहुंची और करीब 60 परिवारों को 3800-3800 रुपये के चेक वितरित किए। साथ ही टीम ने तीन सौ क्विंटल राशन गांव में पहुंचाया है। पुल नहीं होने से ग्रामीणों को मजबूरी में नदी पार करनी पड़ती है।
गांव की प्रधान सीमा आर्य ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होना शुरू हुआ है लेकिन बाढ़ से गांव को काफी नुकसान हुआ है। आज तक विस्थापन की मांग पूरी नहीं हुई है।
राजस्व उपनिरीक्षक ताराचंद्र घिल्डियाल के नेतृत्व में टीम ने गांव में ग्रामीणों को राशन के अलावा 50 लीटर डीजल उपलब्ध कराया है।
स्कूल में बीत रही सुंदरखाल के ग्रामीणों की रात
रामनगर (नैनीताल)। रामनगर वन प्रभाग के कोसी रेंज में सुंदरखाल गांव के लोग सर्द रात में प्राइमरी स्कूल में रहने को मजबूर हैं। दैवी आपदा में करीब 350 ग्रामीण प्रभावित है। कई परिवारों के सदस्यों के पास कपड़े तक बदलने को नहीं है क्योंकि बाढ़ का पानी घरों में घुसा तो वह खाने पीने के सामान के साथ कपड़े और बिस्तर तक बहा ले गया। अब ग्रामीणों को भविष्य की चिंता सता रही है।
सुंदरखाल में राजस्व उपनिरीक्षक आरिफ हुसैन के नेतृत्व में पहुंची टीम ने उन लोगों की सूची तैयार की, जिन्हें बुधवार को आपदा सहायता के चेक नहीं मिल पाए थे। बताया कि कई घराें में मलबा घुसे से लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की ओर से राशन की व्यवस्था की जा रही है। बताया कि कुछ ही लोग अपने घरों से सामान सुरक्षित जगह पर ले जा पाए।
राजस्व उपनिरीक्षक आरिफ हुसैन ने बताया कि सुंदरखाल, गर्जिया मंदिर के पार फंसे चार परिवारों को राशन दे दिया है। वहीं जिन लोगों को दैवी आपदा का चेक नहीं मिला है, उन्हें भी जल्द आपदा राहत चेक दिए जाएंगे।
दूसरी ओर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी, सामाजिक कार्यकर्ता आनंद पांडे, राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र खुल्बे, जगदीश चंद्र ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का जायजा लिया। शासन प्रशासन से रामनगर तहसील के अंतर्गत आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास कार्यों में शासन प्रशासन से तेजी लाने की मांग की है। वहीं
प्रशासनिक टीम कर रही गांव का सर्वे
रामनगर। सुंदरखाल गांव कई वर्ष पहले बस गया था। सुंदरखाल में आपदा के बाद अब ग्रामीणों को अपने मकान के लिए जमीन की आवश्यकता है। ऐसे में वन विभाग की टीम को अतिक्रमण की चिंता सता रही है और लगातार वन विभाग की टीम मौके पर सर्वे कर रही है। वहीं प्रशासनिक टीम गांव का सर्वे कर रही है।