नैनीताल। कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुई पूर्व विधायक सरिता आर्या ने दावा किया है कि वह बगैर किसी शर्त के भाजपा में शामिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी ने उन्हें नैनीताल सीट से टिकट दिया तो वह सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एकजुटता से चुनाव लड़ेगी और यदि किसी दूसरे कार्यकर्ता को टिकट दिया तो उसे भी पुरजोर तरीके से चुनाव लड़ाएंगी।
भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार नैनीताल पहुंची पूर्व विधायक सरिता आर्या का भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष आनंद बिष्ट के नेतृत्व में फूलमालाओं से स्वागत किया। स्वागत समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में सरिता ने कहा कि कांग्रेस में सक्रिय रहने के बाद भी पार्टी ने उनकी और महिलाओं की उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरफ तो यूपी में लड़की हूं लड़ सकती हूं का नारा दे रही है वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में महिलाओं की घोर उपेक्षा कर रही है।
एक सवाल के जवाब में सरिता ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से राज्य में बीस फीसदी टिकट महिलाओं को देने की मांग की थी, लेकिन महिला कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिला। सरिता का कहना था कि पूर्व कबीना मंत्री यशपाल आर्य और नैनीताल के निवर्तमान विधायक संजीव आर्य के कांग्रेस में शामिल होने के बाद ही नैनीताल सीट से उनका टिकट कटा है। उन्होंने कहा कि अगर पिता पुत्र में दम है तो ऐसी सीट से लड़कर दिखांए जहां से कांग्रेस आज तक नहीं जीती है। स्वागत समारोह में अरविंद पडियार, भूपेंद्र बिष्ट, मोहन नेगी, अशोक तिवारी, मनोज जोशी, रईस खान, हेम आर्य, रेखा आर्य, प्रगति जैन, देवेंद्र ढैला, कुंदन बिष्ट, विश्वकेतु वैद्य, श्याम सिंह आदि थे।
स्वागत कार्यक्रम में नजर नहीं आए कई भाजपाई
नैनीताल। सरिता आर्या के भाजपा में शामिल होने से पहले ही भाजपा महिला मोर्चा ने उनका विरोध शुरू कर दिया था। बुधवार को स्वागत समारोह में महिला मोर्चा के पदाधिकारी ही नहीं बल्कि भाजपा के कई पुराने चेहरे भी नजर नहीं आए। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा का एक धड़ा सरिता का पार्टी में तो स्वागत कर रहा है लेकिन उन्हें टिकट दिए जाने के पक्ष में नहीं है।