हल्द्वानी। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को किसान और मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा का डीएनए किसान और मजदूर विरोधी है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार सात सौ से अधिक किसानों की मौत की जिम्मेदार है। पांच साल के शासन में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार भाजपा की देन रही। इस सबके खिलाफ इस बार जनता वोट करेगी और भाजपा के कुशासन से मुक्ति मिलेगी।
स्वराज आश्रम में पत्रकारों से बातचीत में यशपाल ने कहा कि खाद, बीज, उपकरण का खर्च तक किसान नहीं निकाल पा रहा है। कर्ज में डूबा किसान आत्महत्या के लिए मजबूर है। किसान, मजदूर, व्यापारी, मातृशक्ति, युवा सभी वर्ग भाजपा के कुशासन से त्रस्त हैं। महंगाई सातवें आसमान पर है। बेरोजगारी से त्रस्त युवा कुंठित है। भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में इन सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए प्रतिज्ञा पत्र भी लाएगी। सत्ता में आने पर प्रतिज्ञा पत्र में किए गए वादे हर हाल में पूरे किए जाएंगे।
आर्य ने कहा कि मोदी ने 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने की घोषणा की थी लेकिन पिछले 5 साल में किसान की आमदनी दोगुनी तो नहीं हुई लेकिन उसका दर्द सौ गुना बढ़ गया। भाजपा ने किसानों के साथ सिर्फ छलावा किया। उन्होंने कहा पांच राज्यों में चुनाव में जनता भाजपा को सच का आइना दिखाएगी।
सरिता आर्य के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें 2012 में नैनीताल से कांग्रेस ने टिकट देकर विधायक बनाया। उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर सबसे अधिक सम्मान दिया। अभी टिकट पर स्थिति साफ नहीं हुई थी। उन्हें सब्र करना चाहिए था। भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है इसका उन्हें जल्द आभास हो जाएगा। पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी जरिता लैतफलांग, जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, पूर्व प्रमुख भोला भट्ट, आर्ब्जवर प्रदीप यादव मौजूद थे।
टिकट ऑब्जर्वर की जेब में हैं मगर जेब नहीं दिखा रहे : नैनवाल
हल्द्वानी। यशपाल आर्य की पत्रकार वार्ता के दौरान मौजूद जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल से पूछे जाने पर कि सूची कब जारी हो रही है और हल्द्वानी से किसे टिकट दिया जा रहा है। इस पर उन्होंने अपने बगल में बैठे ऑब्जर्वर प्रदीप यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि टिकट यह लेकर आए हैं और इनकी जेब में हैं लेकिन जेब हमें दिखा नहीं रहे हैं, जिस वजह से किसे टिकट मिला है हमें पता नहीं लग पा रहा है।