राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के स्वरूप में बदलाव करने की कवायद की जा रही है। शासन स्तर पर इसमें संशोधन किया जा रहा है। जैसे ही विश्वविद्यालयों को पाठ्यक्रमों को लेकर संस्तुति मिलेगी, इसे अगले वर्ष से राज्य में लागू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र 2025-26 से स्नातकोत्तर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया जाएगा।
प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों ने अपने संबद्ध परिसरों, महाविद्यालयों और संस्थानों के शैक्षणिक सत्र 2022-23 में स्नातक (बीए, बीएससी और बी.कॉम) स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की थी। तभी से एनईपी के तहत विश्वविद्यालयों की ओर से प्रवेश और परीक्षाफल जारी किए जा रहे हैं। इधर शासन स्तर पर एनईपी 2020 में संशोधन कर इसे अपग्रेड करने की कवायद की जा रही है।
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इसके साथ ही प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों की ओर से अगले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातकोत्तर (एमए, एमएससी व एम.कॉम) स्तर पर भी एनईपी 2020 को लागू करने की योजना है। इसके बाद सभी विवि में पूर्ण रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2.0 में कौशल आधारिक कोर्स पर फोकस किया जाएगा ताकि युवाओं को आसानी से रोजगार मिल सके। इसके साथ ही क्रेडिट सिस्टम को लेकर भी कुछ बदलाव होने हैं।
एनईपी 2020 को अपग्रेड किया जा रहा है। शासन से संस्तुति मिलने पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 से इसे लागू किया जाएगा। इसके साथ ही अगले सत्र से स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में एनईपी 2020 को लागू किया जाएगा।
- प्रो. संजय पंत, एनईपी समन्वयक, कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल।