बाबा तरसेम सिंह की हत्या को अंजाम देने वाले बदमाशों ने 19 मार्च को नानकमत्ता गुरुद्वारे की सराय का कमरा नंबर 23 बुक कराया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बदमाश पिछले 10 दिनों से यहीं रहकर बाबा की रेकी कर थे। बताया जा रहा है कि दोनों चंपावत स्थित रीठा साहिब जाने की बात कहकर कमरे में ठहरे हुए थे।
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अमूमन सराय में श्रद्धालु या आम जन कुछ ही दिन के लिए कमरा बुक कराते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर दोनों हमलावरों को 10 दिन के लिए कमरा कैसे मिल गया। सीसीटीवी फुटेज में दोनों हमलावर चप्पल पहने नजर आ रहे हैं और उनके जूते कमरे से बरामद हुए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उन्हें सुबह बाबा तरसेम के डेरे में अकेले में बैठे होने की सूचना मिली होगी, जिस कारण वह जल्दबाजी में चप्पल पहनकर वारदात अंजाम देने पहुंच गए।
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों डेरे के दूसरे गेट से भागे। इससे साफ जाहिर होता है कि दोनों अपराधी वहां की भौगोलिक स्थिति से भलीभांति वाकिफ थे। यही वजह है कि दोनों ने हत्याकांड को सुनियोजित तरीके अंजाम दिया।जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न एंगल से हत्याकांड की जांच की जा रही है। हत्या की वजह का पता लगाया जा रहा है। शीघ्र ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
वहीं, बाबा तरसेम सिंह की हत्या को अंजाम देने वाले बदमाशों के नेपाल के रास्ते विदेश भागने की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस उत्तर प्रदेश और नेपाल से सटे बार्डर पर चेकिंग कर रही है।