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मादा हाथी की मौत का मामला: बेलगाम रफ्तार लील रही आदमी और बेजुबानों की जिंदगी, जनवरी में बाघ की भी गई जान

Thu, 03 Oct 2024 10:07 AM IST
हीरा मेहरा राघव तिवारी, अमर उजाला

सार

हल्द्वानी से रुद्रपुर के बीच जनवरी से सितंबर तक 100 से अधिक हुए हादसों में 19 लोगों की मौत हो चुकी है, घायलों की संख्या कई गुना ज्यादा है। बेलगाम वाहनों की टक्कर से बाघ के बाद अब हथिनी की मौत हो गई है।
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मादा हाथी की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रामपुर रोड का सफर इंसान ही नहीं, बेजुबानों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। हल्द्वानी से रुद्रपुर के बीच जनवरी से सितंबर तक 100 से अधिक हुए हादसों में 19 लोगों की मौत हो चुकी है, घायलों की संख्या कई गुना ज्यादा है। बेलगाम वाहनों की टक्कर से बाघ के बाद अब हथिनी की मौत हो गई है। इसके बावजूद वाहनों की रफ्तार पर लगाम कसने के लिए जिम्मेदार अफसर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं, सिर्फ चेतावनी बोर्ड को ही काफी समझा जा रहा है।

कुछ समय पहले ही रामपुर रोड का चौड़ीकरण हुआ है। इससे थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन वाहनों की रफ्तार बेकाबू हो गई है। सड़क पर डिवाइडर न होने से वाहन चालक हर समय ओवरटेक की जुगत मेंं रहते हैं। शहर में बड़े वाहन रोडवेज स्टेशन से देवलचौड़ तक धीमी रफ्तार से चलते हैं। यहां से चौड़ा मार्ग मिलते ही वाहनों की रफ्तार बेकाबू हो जाती है। यही हाल रुद्रपुर की तरफ से आने वाले वाहनों का होता है। रुद्रपुर के बाद से जंगल के सफर में वाहनों की रफ्तार कम नहीं होती है। शहर की तरफ बढ़ते हुए पंचायतघर के बाद देवलचौड़ तक भी वाहन तेज गति से आते हैं। ऐसे में आए दिन हादसे हो रहे हैं।
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ये पढ़ें- Uttarakhand News: हल्द्वानी में रोडवेज बस की टक्कर से हथिनी की मौत, सड़क किनारे 11 घंटे चला इलाज
 

नहीं लगे हैं स्पीड डिटेक्शन कैमरे-
रामपुर रोड पर ओवरस्पीड की वजह से कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक यहां स्पीड डिटेक्शन कैमरे नहीं लगवाए हैं। सड़क पर स्पीड के चेतावनी बोर्ड तो लगे हैं लेकिन लोग केवल चेतावनी पढ़कर कहां मानते हैं?

ये हैं रामपुर रोड पर गति के मानक-

चेतावनी बोर्ड के अनुसार-

  • देवलचौड़ से पंचायतघर तक- 40 किमी प्रति घंटा।
  • पंचायतघर से टांडा जंगल क्षेत्र तक- 60 किमी प्रति घंटा।

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पूरे जिले में मात्र चार स्पीडगन-
यह पढ़ने में अजीब लगेेगा, लेकिन हकीकत है कि इतने बड़े नैनीताल जिले में मात्र चार ही मशीन हैं जो ओवरस्पीड का चालान करती हैं। एसपी ट्रैफिक हरबंश सिंह ने बताया कि जिले में चार स्पीड गन हैं। दो इंटरसेप्टर कार में और दो पुलिस की बाइक में फिट हैं। इससे ओवरस्पीडिंग के चालान किए जाते हैं।

ओवर स्पीड मामले में की गई कार्रवाई-
 

  • साल 2024 :- जनवरी से सितंबर तक- 2601
  • साल 2023 :- जनवरी से सितंबर तक- 692




 
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