हल्द्वानी/हल्दूचौड़। गोरापड़ाव क्षेत्र में बुधवार दोपहर दो बच्चों के अपहरण की सूचना से पुलिस महकमा परेशान हो गया। हल्दूचौड़ से लेकर लालकुआं तक नाकाबंदी कर दी गई। किच्छा तक चेक पोस्टों पर वाहनों की चेकिंग की गई। डेढ़ घंटे तक पुलिस इधर-उधर दौड़ती रही। बाद में पुलिस ने गाड़ी के नंबर के आधार पर चालक का नंबर खोज निकाला तो पता चला कि चाचा ही बच्चों को घर लेकर गया है। चाचा का अपने पिता से गाड़ी में ही झगड़ा हुआ था। शोर शराबा सुनकर लोगों ने अपहरण का हल्ला मचा दिया।
पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार को करीब दो बजे गोरापड़ाव क्षेत्र से स्कूली ड्रेस में दो बच्चे घर को जा रहे थे। जीजीआईसी धौलाखेड़ा रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचने पर वहां टाटा एसीई वाहन (छोटा हाथी) आकर रुका। दोनों बच्चे वाहन में बैठ गए। सड़क पर चल रहे लोगों ने जब चलते वाहन में जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनी तो उन्हें बच्चों के अपहरण का शक हुआ। इसकी सूचना मंडी चौकी पुलिस को दी गई। बच्चों के अपहरण की खबर से पुलिस महकमे हरकत में आ गया। लालकुआं समेत अन्य स्थानों पर वायरलेस से सूचना प्रसारित कर नाकेबंदी कर दी गई।
सीसीटीवी फुटेज बनी मददगार
हल्द्वानी। पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली तो वाहन का नंबर पीलीभीत जिले का मिला। वाहन में बच्चे भी दिखाई दे रहे थे। इसके बाद पुलिस ने किच्छा तक अलर्ट कर दिया। पुलिस की गाड़ियां गांव-गलियों में दौड़ने लगीं। इधर पुलिस ने गाड़ी के नंबर के आधार पर पीलीभीत के व्यक्ति से संपर्क किया। गाड़ी मालिक ने बताया कि उसका वाहन हल्द्वानी में एक कंपनी में चलता है। इसे हाथीखाल निवासी संजय सिंह चलाता है। इसके बाद पुलिस ने नंबर जुटाकर संजय सिंह से संपर्क किया। संजय सिंह ने बताया कि वह तो बच्चों को लेकर घर पहुंच गया है। संजय के अनुसार वह अपने पिताजी का आधार कार्ड बनाने जा रहा था। रास्ते में दोनों भतीजे मिल गए और उन्हें गाड़ी में बैठा लिया। संजय ने पुलिस को बताया कि किसी बात को लेकर उसका पिता से झगड़ा हो गया। दोनों जोर-जोर से अपनी बात रख रहे थे।
पुलिस ने चालक का नंबर जुटाकर जानकारी ली तो पता चला कि चाचा ही बच्चों को ले गया है। गाड़ी में पिता-पुत्र की लड़ाई हो रही थी। लोगों ने समझा कि बच्चों का अपहरण हो गया है और मदद की गुहार लगा रहे हैं।
-शांतनु पारासर, सीओ