हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज के शौचालयों में गंदगी और दुर्गंध फैली हुई है। छात्राओं के शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। कॉलेज प्रबंधक कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा है।
हल्द्वानी शहर के सबसे बड़े डिग्री कॉलेज एमबीपीजी के शौचालयों में गंदगी और दुर्गंध फैली हुई है। छात्राओं के शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। कॉलेज प्रबंधक कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा है।
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महाविद्यालय में वर्तमान में 12 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं जिनके लिए परिसर में 15 शौचालय हैं। इसके अलावा कॉलेज के अलग-अलग विभागों में 20 शौचालय हैं, जिनकी सफाई का जिम्मा महज पांच सफाईकर्मियों पर है। इतना ही नहीं छात्राओं के शौचालय की सफाई के लिए कोई महिला कर्मी नहीं है। ऐसे में सही ढंग से सफाई न होने की वजह से शौचालयों में गंदगी और दुर्गंध फैली रहती है।
छात्रा अंजलि, प्रिया, अर्चना और पूजा का कहना है कि बाथरूम में पानी नहीं आता, कई जगह गंदगी पड़ी रहती है। सफाई भी हर रोज नहीं होती। गंदगी होने के चलते विभागीय शौचालयों का ही प्रयोग करते हैं।
छात्र-छात्राओं के लिए शौचालयों की तो पर्याप्त व्यवस्था है लेकिन इनकी सफाई के लिए कार्मिकों की कमी है। 35 शाैचालयों की सफाई का जिम्मा पांच कर्मचारियों पर है। कई बार शासन से पत्राचार कर 20 सफाई कार्मिकों और पांच महिला कार्मिकों की मांग की गई है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं मिली है जिससे यह समस्या हो रही है। -प्रो. एनएस बनकोटी, प्राचार्य, एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी।