नैनीताल जिले में बाघ के बढ़ते हमलों के बीच वन विभाग के खिलाफ अलचौना क्षेत्र के ताड़ा गांव की महिलाएं बुधवार को प्रदर्शन के लिए घर के कामकाज छोड़कर निकल आईं। प्रदर्शन में महिलाएं बोल रही थीं निकिता हम शर्मिंदा हैं, नरभक्षी अभी जिंदा है।
बाघ के बढ़ते हमलों के बीच वन विभाग की लचर कार्यप्रणाली के खिलाफ अलचौना क्षेत्र के ताड़ा गांव की महिलाएं बुधवार को प्रदर्शन के लिए घर के कामकाज छोड़कर निकल आईं। जुलूस के रूप में हो रहे प्रदर्शन में महिलाएं बोल रही थीं निकिता हम शर्मिंदा हैं, नरभक्षी अभी जिंदा है।
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गांव की एक बेटी को नरभक्षी ले गया, अब अन्य को नरभक्षी के आतंक से बचाओ। तारा देवी शर्मा का कहना था कि विभाग नरभक्षी के आतंक से जल्द निजात दिलाए। उमा देवी ने कहा कि वन विभाग की लापरवाही के चलते निकिता की जान चले गई। विभाग जल्द नरभक्षी को पकड़े।
लक्ष्मी बृजवासी का कहना था कि हमारी कोई सुनने वाला नहीं है। वन विभाग और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। जिया बृजवासी का कहना था कि विभाग ने अगर कार्रवाई की होती तो गांव की बेटी आज जिंदा होती। महिलाओं के विरोध के आगे वन विभाग, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी बोलने से बचते नजर आए। प्रदर्शन में अलचौना, ताड़ा, चाफी, खुटानी, भीमताल, सलड़ी, जंगलियागांव क्षेत्र की महिलाएं भी बड़ी संख्या में आई थी।