तेलीसोत गदेरे में प्रशासन की ओर से कराए जा रहे खनन कार्य (रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन) मानकों के विपरीत होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने खननकारियों के डंपर भी रोककर विरोध जताया।
झंडीचौड़ पश्चिमी में प्रेमनगर के निकट तेलीसोत गदेरे में खनन कार्य से एक बिजली का पोल ढह गया, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने मानकों के विपरीत खनन का विरोध करते हुए मौके पर सड़क जाम करते हुए प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे कांग्रेसियों ने ग्रामीणों के धरने को समर्थन दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष डा. चंद्रमोहन खर्कवाल, प्रवीण सिंह रावत, राजेंद्र सिंह गुसाईं, महावीर सिंह रावत ने आरोप लगाया कि झंडीचौड पश्चिमी के वार्ड नंबर 37 मेें शासन प्रशासन की शह पर मानकों के विपरीत खनन किया जा रहा है। ओवर लोडेड डंपरों से जहां पेयजल लाइनें उखड़ गई हैं, वहीं पेयजल की आपूर्ति बाधित हो रही है। प्रेमनगर क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा दीवार भी ढह गई और अवशेष दीवार के भी ढहने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने तेलीसोत गदेरे में चल रहे खनन को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की है। चेतावनी दी है कि जब तक खनन कार्य बंद नहीं हो जाता, तब तक ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों में शीला देवी, पूजा देवी, कमला देवी, विमला देवी, अजय, चंदनी देवी, मोहित, सुभाष, लक्ष्मी देवी आदि मौजूद थे।