नगर निगम बोर्ड की आकस्मिक बैठक में नगर निगम के खाते से उड़ाई गई 21.33 लाख की धनराशि के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस दौरान पार्षदों ने जांच में तेजी लाने और जांच जल्द से जल्द पूरी कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पार्षदों ने जांच पूरी होने तक पटल सहायक को बदलने का विरोध भी किया।
बोर्ड बैठक में नगर आयुक्त पीएल शाह ने बताया कि फर्जी चेक और जाली हस्ताक्षरों से नगर निगम के खाते से 21 लाख 32 हजार 600 रुपये निकाले गए हैं। मामले में संबंधित बैंक प्रबंधक और सेंट्रल क्लीयरेंस ब्रांच दिल्ली के प्रबंधक के खिलाफ भी तहरीर दी गई है। बैठक में पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के दस्तावेजों से पूर्व में भी छेड़छाड़ हुई थी, यदि नगर निगम प्रशासन ने तब मामले को गंभीरता से लिया होता, तो इस प्रकार की घटना नहीं होती। भाजपा पार्षदों ने जांच पूरी होने तक पटल सहायक का पटल बदलने का विरोध किया, जिस पर नगर आयुक्त पीएल शाह ने कहा कि पटल बदलने की प्रक्रिया प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की गई है। बैठक में पार्षदों ने कुछ लोगों के देर रात तक कार्यालयों में डटे रहने का विरोध भी किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेयर हेमलता नेगी ने भी स्वीकार किया कि कई पार्षदों का घर ही नगर निगम कार्यालय बन गया है, जिस पर नगर आयुक्त ने कहा कि दो बजे तक ही पार्षद और जनता मिलन होगा। दो बजे के बाद कार्यालय में बैठने वाले पार्षदों को पार्टी बनाया जा सकता है। इस संबंध में जल्द प्रस्ताव बोर्ड बैठक में लाया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा कि कि कुछ लोगों ने धोखाधड़ी के इस मसले पर उन पर भी सवाल उठाए हैं। जांच पूरी होने के बाद वह उन लोगों के खिलाफ केस दायर करेंगे।
वार्डों में कम लाइटें लगाने का मुद्दा उठाया
कोटद्वार। आकस्मिक बोर्ड बैठक में तब गहमागहमी हो गई, जब भाजपा पार्षदों ने उनके वार्डों में कम लाइटें लगाने का मुद्दा उठाया। इस पर मेयर हेमलता नेगी ने लाइटें लगाने के लिए सर्वे कराने और पार्षदों की ओर से लिस्ट देने की बात कही। भाजपा पार्षदों ने इसका पुरजोर विरोध किया और कहा कि वह अपने वार्डों में पूर्व की भांति स्वयं ही चिह्नित स्थानों पर लाइटें लगवाएंगे। भाजपा पार्षदों ने उनके वार्डों में काम नहीं होने और घटिया कोविड सामान खरीद का मुद्दा भी उठाया। संवाद