सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन देने समेत 12 सूत्री मांगों के समर्थन में उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का कार्य बहिष्कार 10वें दिन भी जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार तहसील में प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनको आंदोलन करते हुए 10 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से उनकी सुध नहीं ली गई है। वर्ष 2006 से कार्यरत आशाओं का वेतन अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने उनकी मांगों का निराकरण नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। आंदोलन में यूनियन की दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष प्रभा चौधरी, उपाध्यक्ष मीरा नेगी, गोदांबरी देवी, प्रसन्ना डबराल, सुनीता रावत, सरिता, कुसुम रावत, मुन्नी नयाल, सुरभि, मेघा असवाल, अंजू, मधु ममर्गाइं, कांति, राखी, सुमित्रा, कल्पना, रीता, नीलम कुकरेेती और संपत्ति देवी आदि मौजूद थे।