पौड़ी/पाबौ/थलीसैंण। सस्कृति नगरी पौड़ी के साथ ही पाबौ, थलीसैंण सहित अन्य क्षेत्रों में असत्य पर सत्य की जीत के रूप में विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। जिला मुख्यालय पौड़ी की रामलीला के 124वें मंचन के तहत विजयदशमी पर राम-रावण युद्ध देखने भारी संख्या में शहरवासी रामलीला मैदान पहुंचे। इस दौरान रावण वध के साथ रावण के पुतले को जलाया गया, जिसे धू-धू कर जलता देख सभी ने इस पर्व की खुशियां मनाई।
रामलीला में भगवान श्रीराम व लंकापति रावण के बीच तीखे संवादों के सुन दर्शकों ने दोनों किरादारों के अभिनय की सराहना की। अपने संवाद के माध्यम से भगवान राम लोगों से रावण के कुकृत्यों से सबक लेने का संदेश देते हैं। वहीं दोनों पात्रों संवादों के बाद राम- रावण का युद्ध शुरू होता है। अंत में भगवान श्रीराम के धनुष से निकले वाण से असत्य पर सत्य की विजय के साथ ही लंकापति रावण का वध होता है।
रावण के वध होते पौड़ी जय श्रीराम के जयघोष गूंजने उठा। श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष उमाचरण बड़थ्वाल ने बताया कि पौड़ी में रावण का 32 फीट ऊंचा पुतला बनाया गया था। बताया कि पौड़ी में केवल रावण के पुतले को जलाए जाने की परंपरा है। वहीं पाबौ व थलीसैंण में लोगों ने विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया। साथ ही श्रीराम के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।