बरसात के बाद अब कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में डेंगू ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। आए दिन बेस अस्पताल की ओपीडी में बदन दर्द और तेज बुुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। जांच के बाद अब तक करीब 30 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। उनका राजकीय बेस अस्पताल में उपचार चल रहा हैै, लेकिन, नगर निगम प्रशासन की ओर से नगर में कीटनाशक का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।
40 वार्डों की सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेेदार नगर निगम डेंगू के मामले में सुस्त कार्यप्रणाली अपनाए हुए हैं। लापरवाही का आलम यह है कि नगर निगम की ओर से न तो मच्छरों को मारने के लिए फॉगिंग की जा रही है और न ही कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है। नतीजतन, आए दिन लोग डेंगू रोग का शिकार हो रहे हैं। बेस अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार गत दिनों में कोटद्वार के लकड़ी पड़ाव, देवी रोड, मानपुर, शिवपुर, काशीरामपुर, झंडीचौड़, किशनपुर, पदमपुर, जौनपुर आदि क्षेत्रों के करीब 30 लोग डेंगू से पीड़ित हैं। ओपीडी में आए करीब 129 लोग डेंगू संदिग्ध पाए जाने पर उनके टेस्ट हो रहे हैं।
ब्लड सेपरेशन यूनिट को नहीं मिला लाइसेंस
कोटद्वार। वर्ष 2019 में कोटद्वार में बढ़े डेेंगू के मरीज और दुर्घटनाओं को देखते हुए बेस अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड सेपरेशन यूनिट को स्वीकृति दी गई थी लेकिन बेस अस्पताल में करीब 60 लाख रुपये की लागत से लगी ब्लड सेपरेशन यूनिट शोपीस बनी है। लाइसेंस नहीं मिलने के कारण डेंगू के गंभीर मरीजों को प्लेटलेट्स नहीं चढ़ाई जा रही है, जिसके कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
कोट
कोटद्वार में 30 लोग डेंगू से पीड़ित हैं। ब्लड सेपरेशन यूनिट के लिए लाइसेंस हासिल करने का प्रयास चल रहा है। लाइसेंस न होने के कारण अभी डेंगू के मरीजों को यहां पर प्लेटलेट्स नहीं चढ़ाए जा रहे हैं। - डॉ. बीसी काला, पीएस बेस अस्पताल कोटद्वार।
नगर निगम क्षेत्र में कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग नहीं होने की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को भेजकर समस्या का समाधान किया जाएगा। - केएस नेगी, नगर आयुक्त कोटद्वार।