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उत्तराखंडः हाईकोर्ट में 11 को होगा बागी विधायकों का फैसला

Fri, 01 Apr 2016 01:22 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नैनीताल
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हरक स‌िंह रावत - फोटो : AmarUjala
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उत्तराखंड सरकार को परेशानी में डालने वाले बागी विधायकों की किस्मत का फैसला अब नैनीताल हाईकोर्ट में 11 अप्रैल को होगा। शुक्रवार एक अप्रैल को हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई को टाल दिया गया। 
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हाईकोर्ट ने नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के स्पीकर के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए एक अप्रैल की तिथि नियत की थी।

बुधवार को बागी विधायकों की ओर से दिनेश द्विवेदी और स्पीकर की ओर से पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल, अवतार सिंह रावत व कार्तिके हरिगुप्ता ने पैरवी की थी। न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकल पीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई थी।

नौ बागी विधायकों सुबोध उनियाल, शैला रानी रावत, उमेश शर्मा काऊ, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, हरक सिंह रावत, अमृता रावत, शैलेंद्र मोहन सिंगल, प्रदीप बत्रा, विजय बहुगुणा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 27 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष ने बिना किसी सुनवाई का मौका दिए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी, जो गलत है।
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कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों की गतिविधियों पर BJP की नजर

भाजपा नेता अजय भट्ट‍ - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में प्रदेश सरकार के खिलाफ बगावत कर सियासी संकट खड़ा करने वाले कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों के राज्य वापसी पर भाजपा ने उनकी सभी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी है। इनके लौटने के बाद भाजपा राज्य के सियासी समीकरणों में और बदलाव की संभावना देख रही है।

विधान सभा में बजट सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों को दिल्ली साथ लेकर गए भाजपा नेता उनके बिना लौटे थे। बृहस्पतिवार को जब असंतुष्ट विधायकों ने उत्तराखंड का रुख किया तो भाजपा की नजरें पूरी तरह से उनकी गतिविधियों पर रहीं।

राज्य की सियासत फिलहाल कानूनी दांवपेंच में उलझी हुई है। ऐसे में भाजपा के केंद्रीय नेताओं की ओर से सरकार बनाने के दावे के बीच कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों का दल लौट आया है। एयरपोर्ट पर इन विधायकों ने नपी तुली बातें ही कहीं।

खासतौर पर उत्तराखंड आने के बाद विधायकों में दरार न हो, इसके लिए सभी एकजुटता पर जोर दिया है। भाजपा ने एयरपोर्ट की दिन भर की गतिविधियों का संज्ञान गंभीरता से लिया है। जौलीग्रांट में सभी गतिविधियों की जानकारी एकत्रित करने के लिए भाजपा के एक स्थानीय नेता को जिम्मेदारी दी गई थी।
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