फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज से पेट्रोल 15 और डीजल हुआ 20 रुपये लीटर!

Fri, 01 Apr 2016 01:17 PM IST
विपिन खर्कवाल / अमर उजाला, हल्द्वानी
विज्ञापन
पेट्रोल और डीजल - फोटो : file photo
विज्ञापन
सोशल मीडिया और नई पीढ़ी ने अप्रैल फूल मनाने के मायने बदल दिए है। अब पहली अप्रैल को किसी बात से लोगों को डराने या घबराहट पैदा करने वाले शिगूफों से इतर हंसाते और गुदगुदाते मैसेज सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। वायरल हो रहे कुछ मैसेज यूं हैं...
विज्ञापन


नरेंद्र मोदी ने किया कमाल, लिया अहम निर्णय! पेट्रोल, डीजल के दामों में अब तक की सबसे भारी गिरावट के चलते 40 साल के रिकार्ड को तोड़ने वाला रेट 31 मार्च 2016 रात 12 बजे से लागू होगा। नई कीमत इस प्रकार हैं- पेट्रोल 15.30 प्रति लीटर और डीजल 20.80 प्रति लीटर। जी हां, यह चौंकने की बात नहीं। इट्स अप्रैल फूल। सोशल मीडिया के हर जंक्शन फेसबुक, व्हॉट्सएप, ट्विटर आदि पर अप्रैल फूल को लेकर इस तरह के ढेरों गुदगुदाने वाले मैसेज वायरल हो रहे हैं।

इसके साथ ही व्हॉटसएप पर शेयर हो रहे एक मैसेज में नए वित्तीय वर्ष में एक नई योजना का जिक्र है। पीएम मोदी को जैसलमेर की एक महिला ने पिछले मन की बात कार्यक्रम में एक सुझाव दिया उसके अनुसार दारू की दुकान को आधार कार्ड से जोड़ दें और आधा पैसा पीने वाले की पत्नी के अकाउंट में सब्सिडी की तरह वापस कर देना चाहिए, जिससे पांच फायदे होंगे...
विज्ञापन

1. पति लिमिट में पियेगा, क्योंकि उसके नशे की मात्रा उसकी पत्नी के बैंक बैलेंस के बराबर रहेगी। 2. पत्नियां अपने पतियों को पीने के लिए कभी मना नहीं करेंगी। 3. पत्नी को मालूम रहेगा, आज पति ने कितनी पी। 4. जिस की पत्नी का अकाउंट नहीं है वो भी खुल जाएगा। 5. हो सकता है किसी-किसी की पत्नी को आयकर रिटर्न भी दाखिल करना पड़े।
विज्ञापन

मेरी जिंदगी तो हर रोज एक मजाक बन गई है

joke smiley
कुछ युवाओं ने ट्विटर पर लिखा है- आज अप्रैल फूल है, लेकिन मेरी जिंदगी तो हर रोज एक मजाक बन गई है। इसके साथ ही कुछ लोगों ने अपील की है अप्रैल फूल के दिन ऐसा प्रैंक (मजाक) न करें जो किसी की जिंदगी को खतरे में डाल दे। युवाओं के बीच सर्वाधिक ट्रेंड करने वाला ट्वीट कहता है जिसे तुम दिल से चाहते हो उसे प्रपोज करने का आज से बेहतर मौका कोई हो ही नहीं सकता। क्योंकि वो नहीं भी मानी तो आप कहेंगे इट्स अप्रैल फूल यार।

इसके अलावा एक वायरल मैसेज कुछ यूं है- पहली अप्रैल को लोग झूठ बोलकर हंसी मजाक करते हैं। यह एक परंपरा है जो ब्रिटिश शासक जार्ज पंचम ने शुरू की थी, जिसका कारण यह था कि अंग्रेज भारतवासियों का विश्वास खो चुके थे। हिंदी कैलेंडर चैत्र की एक तारीख को ही नववर्ष मनाते थे। तब जार्ज पंचम के चाटुकारों द्वारा उनका मजाक बनाया जाने लगा क्योंकि वह उस सभ्य समाज के साथ नहीं थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें