फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन दिन बाद दफ्तर तो खुले लेकिन कर्मी हड़ताल पर

विज्ञापन
एआरटीओ दफ्तर में हड़ताल करते कर्मचारी । - फोटो : HARIDWAR
विज्ञापन
तीन दिन के अवकाश के बाद सभी सरकारी दफ्तरों में लोगाें की भारी भीड़ उमड़ी और अपने कामकाज निपटाए।
विज्ञापन

लेकिन एआरटीओ के कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल के चलते वहां ताले लटके रहे। एआरटीओ में अपने काम करवाने के लिए पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
कर्मचारियों की पदोन्नति के शासनादेश में हुई त्रुटि को ठीक कराने की मांग को लेकर उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ लंबे समय आवाज बुलंद कर रहा है। इसके लिए पहले भी कर्मचारियों की ओर से कार्यबहिष्कार और धरना-प्रदर्शन के साथ ही देहरादून में आंदोलन किया जा चुका है। एक सूत्री मांग पूरी नहीं होने पर संघर ने 15 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने के साथ हड़ताल पर चले जाने की घोषणा की थी। 15 नवंबर को अवकाश था। कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर चलेग गए। कमचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।
संघ के जिलाध्यक्ष मोहन लाल ने कहा कि मांग को लेकर हर बार आश्वासन दिए जा रहे हैं। मगर अभी तक मांग पूरी नहीं की जा रही है। अब जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस मौके पर रेशम सिंह, सईद, विनोद निराला, नीतिश मैठानी, संतोश डबराल, जीता गुप्ता, सुमन लता मैथानी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन कार्यों के लिए भटकते रहे लोग
कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से लर्निंग लाइसेंस, पक्का लाइसेंस, नवीनीकरण, वाहनों के पंजीकरण, चालान का जुर्माना भरना, फिटनेस आदि कार्य नहीं हो सके। अहमदपुर ग्रंट के विकास ने बताया कि वह अपना लाइसेंस बनवाने के लिए आए थे। शिवालिक नगर निवासी अमित ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस के लिए आज की डेट मिली थी। काम नहीं होने से खाली लौटना पड़ा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें