क्षेत्र का पुरानी कुंडी गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी सेंटर तक नहीं है। स्कूल नहीं होने से बच्चे दो किमी दूर पढ़ने जाते हैं। पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।
पुरानी कुंडी गांव विकासखंड बहादराबाद से 20 किलोमीटर दूर गंगा किनारे बसा है। गांव ग्राम पंचायत बिशनपुर का हिस्सा है। ग्राम पंचायत में बिशनपुर और नई कुंडी गांव भी आते हैं। पुरानी कुंडी गांव की आठ सौ की आबादी है। पुरानी कुंडी गांव में दो मार्गों से आवागमन होता है। एक मार्ग बिशनपुर से पुरानी कुंडी गंगा किनारे तटबंध के किनारे से होकर जाता है। यह मार्ग कच्चा है। दूसरा मार्ग रानीमाजरा से पुरानी कुंडी में जाता है। इसका निर्माण पिछले साल हुआ है।
पुरानी कुंडी गांव में दो एकड़ भूमि से ऊपर के किसान नहीं है। यहां पर गंगा पार से आकर हाथी फसलों का नुकसान करते हैं। इसके बावजूद भी कुछ लोग खेती के परंपरागत कार्य से जुड़े हुए हैं। यहां के ज्यादातर लोग मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पुरानी कुंडी गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय कर दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। गांव में पेयजल की समस्या है। ओवरहेड टैंक नहीं होने के कारण पानी की सीधे आपूर्ति होती है। गर्मी में पानी की सप्लाई बाधित रहती है।
जंगली जानवर, खासकर हाथियों से ग्रामीण परेशान रहते हैं। खेतों में घुसकर हाथी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। हाथियों की रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
- सुखवीर सिंह, ग्रामीण
- पुरानी कुंडी गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय नहीं है। जिससे बच्चों को पढ़ने दूसरे गांव जाना पड़ता है। गांव में कम से कम राजकीय प्राथमिक विद्यालय खोला जाए।
- मांगे सिंह, ग्रामीण
सांसद और विधायक से बिशनपुर से पुरानी कुंडी जाने वाले गंगा किनारे तटबंध मार्ग पर सड़क बनाने की कई बार मांग की गई। किसी ने आज तक ध्यान नहीं दिया है।
- सुखदेव पाल, पूर्व उप प्रधान
- शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर पुरानी कुंडी गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग कर दी है। विद्यालय से लिए भूमि भी उपलब्ध है। लेकिन विभाग ने आज तक सुनवाई नहीं की।
- सविता देवी, पूर्व प्रधान