महिला के साथ साजिश रचकर पत्नी को जान से मारने की कोशिश करने के मामले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश रितेश कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी पति और महिला को दोषी करार दिया है। साथ ही दोनों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता नीरज कुमार गुप्ता ने बताया कि 21 जनवरी वर्ष 2015 को श्यामपुर क्षेत्र में चंडी देवी मंदिर पर एक महिला को धक्का देकर गला घोंटकर जान से मारने की कोशिश की गई थी। महिला के शोर पर दो-तीन लोग मौके पर पहुंचे और हमलावरों को पकड़ लिया था। पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया था कि घटना की रात वह पति दिलीप उर्फ कृपा पासवान के साथ बिहार से हरिद्वार रेलवे स्टेशन पहुंची थी। पति ने यहां उसे एक महिला शीला से मिलवाते हुए अपनी मकान मालकिन बताया था। सुबह पति और शीला दोनों मिलकर उसे जबर्दस्ती चंडी देवी मंदिर ले गए। लौटते समय महिला ने उसके बच्चे ले लिए और पति ने उसे जान से मारने की नीयत से पहाड़ी से धक्का दे दिया था।
साथ ही पहाड़ी से नीचे आकर गला घोंटकर मारने की कोशिश की थी। पुलिस ने आरोपी पति दिलीप उर्फ कृपा पासवान निवासी ग्राम जग दाबड़ी, थाना सासाराम जिला रोहतास बिहार और साजिश में शामिल शीला निवासी ग्राम आनंदीपुर थाना अफजलगढ़ जिला बिजनौर यूपी को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद पुलिस ने पीड़िता के पति और उसकी महिला साथी के खिलाफ साजिश रचकर हत्या की कोशिश के आरोप में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने और साक्ष्यों पर गौर करने के बाद कोर्ट ने दोनों को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष की कटोर सजा सुनाई है।