चिड़ियापुर बॉर्डर पर कोरोना की जांच के लिए लगी लाइन ।
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देश के साथ उत्तराखंड में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले सामने आने के बाद कई प्रदेशों ने सख्ती बढ़ा दी है। 5 राज्यों में नाइट कर्फ्यू व तीन राज्यों में नए साल के जश्न पर पाबंदी लग चुकी है। तीसरी लहर की आशंका व ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर राज्य सरकार भी अलर्ट मोड पर है। इसका असर नए साल के पर्यटन कारोबारियों की तैयारी पर भी पड़ सकता है। नए साल के लिए होटल में कमरों और टैक्सी की बुकिंग रद्द होने लगी है।
प्रदेश में सख्ती बढ़ती है तो इसका सीधा असर धर्मनगरी के पर्यटन पर पड़ेगा। धर्मनगरी में नए साल का जश्न मनाने के लिए हमेशा बड़ी तादाद में सैलानी आते हैं। ओमिक्रॉन ने सरकार के साथ-साथ पर्यटन व्यवसायियों की भी चिंता बढ़ा दी है। इस बार पर्यटन व्यवसायियों ने अपनी तरफ से तैयारियां की थी। ऐसे में अचानक कोरोना के नए वैरिएंट के केस बढ़ने और सरकारी की तरफ से कुछ गाइड लाइन ने तैयारी करने वाले व्यवसायियों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। पिछले साल त्योहारों के साथ नए साल पर कोरोना का ग्रहण लगा रहा है। इस साल जून के बाद केस कम होने के बाद बाजार की व्यवस्थाएं धीरे-धीरे पर पटरी आने लगी थी।
दशहरा व दीपावली पर बाजार ने जमकर उछाल मारी थी और व्यापारियों को राहत मिली थी। चारधाम यात्रा करने की छूट मिलने से भी काफी संख्या में यात्री यहां पहुंचे थे। पिछले दिनों हुए गंगा स्नानों पर भी खूब भीड़ उमड़ी थी। अब कारोबारियों को थर्टी फस्ट और नए साल को लेकर बहुत उम्मीद थी। पर्यटन से जुड़े लोगों के अनुसार इस बार नए साल के स्वागत के लिए 30 हजार से अधिक यात्रियों के आने की उम्मीद थी। अब जिस तरह से लोग अपनी बुकिंग रद्द करने लगे हैं उससे कारोबारी निराश हैं। संवाद
नए साल के जश्न पर कई प्रदेशों में पाबंदी लगी है। ऐसे में उन प्रदेशों से आने वाले लोग अपनी बुकिंग रद्द करा रहे हैं। जिसके चलते एक बार फिर से ट्रांसपोर्टर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सोनित चौहान, चौहान टूर एंड ट्रेवल्स
कोरोना के चलते पिछले दो सालों में होटल कारोबारी प्रभावित हुआ है। अब धीरे-धीरे व्यापार पटरी पर आ रहा था। मगर ओमिक्रॉन के चलते एक बाद फिर से पर्यटन कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई यात्रियों ने होटलों के कमरों की बुकिंग रद्द कर दी है।
आशुतोष शर्मा, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन