टिकट बंटवारे में कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी तीन सीटिंग विधायकों पर भरोसा जताया है। पिरान कलियर के विधायक फुरकान अहमद और भगवानपुर की विधायक ममता राकेश के पास इस बार जीत की हैट्रिक लगाने का मौका है। वहीं मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन के पास चौका लगाने का अवसर है।
राज्य में नई सरकार के गठन के लिए जनपद से भी 11 विधायक चुनकर जाने हैं। फिलहाल जनपद में आठ विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। तीन पर कांग्रेस के विधायक हैं। भाजपा ने बृहस्पतिवार को जारी गई प्रत्याशियों की सूची में छह सीटिंग विधायकों के साथ ही एक विधायक की पत्नी को टिकट दिया गया है। केवल झबरेड़ा सीटिंग विधायक की सीट पर अभी तक टिकट को लेकर फैसला नहीं हो सका है।
अब शनिवार की रात कांग्रेस की ओर से जारी प्रत्याशियों की सूची में भी जनपद के तीनों विधायकों पर भरोसा जताया गया है। जिसमें भगवानपुर से 2012 में बसपा से चुनाव जीतकर कैबिनेट मंत्री बने सुरेंद्र राकेश के निधन के बाद 2015 में हुए उपचुनाव में राजनीति में आई उनकी पत्नी ममता राकेश पहली बार विधायक बनी। 2017 में भी कांग्रेस से विधायक बनने वाली ममता राकेश को हैट्रिक लगाने के लिए टिकट दिया गया है। इसी तरह पिरान कलियर से 2012 और 2017 में जीत दर्ज करने वाले फुरकान अहमद को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। मंगलौर विधानसभा सीट से बसपा से 2002 और 2007 में लगातार विधायक रहे काजी निजामुद्दीन 2012 में कांग्रेस से चुनाव लड़कर हैट्रिक लगाने से चूक गए थे। लेकिन 2017 में फिर से कांग्रेस के टिकट पर तीसरी बार विधायक बन गए। अब फिर से काजी निजामुद्दीन को कांग्रेस ने चुनाव मैदान में उतार दिया है। संवाद