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सब्जी ताजी, कीमत आधी और काश्तकारों को भी पूरा दाम

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डीजल सस्ता होने के बाद भी बाजार में सब्जियों के भाव कम नहीं हुए हैं। सब्जियों की आसमान छूती कीमतों की सबसे बड़ी वजह बिचौलिए हैं। काश्तकारों के खेतों से लेकर फुटकर बाजार तक सब्जी कई बिचौलियों के माध्यम से पहुंचती है। इससे सब्जियों का भाव कई गुना बढ़ जाता है। काश्तकारों को भले ही लागत मिलना तक मुश्किल हो जाता है, लेकिन उपभोक्ताओं की जेब खाली होकर बिचौलियों की भर जाती है। बिचौलियों से बचकर किसान अब सीधे पैठ बाजारों में सब्जियां भेज और बेच रहे हैं। इससे किसान और उपभोक्ता दोनों को फायदा मिल रहा है। पैठ बाजार में ताजी सब्जियां फुटकर बाजार की तुलना में काफी सस्ती हैं, जबकि काश्तकारों को बाजार की तुलना में भाव भी पूरा मिल रहा है।
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पथरी क्षेत्र सब्जी उत्पादन का गढ़ है। काश्तकार उत्पादों को थोक मंडी के बजाय सीधे पैठ बाजारों में बेच रहे हैं। हरिद्वार एवं आसपास के देहात क्षेत्र में रोजाना कहीं न कहीं पैठ बाजार लगती है। काश्तकार आपस में मिलकर उत्पादों को ट्रैक्टर में लादकर पैठ बाजारों तक पहुंचा रहे हैं। बिशनपुर निवासी काश्तकार रविंद्र और अंबरीष बताते हैं कि मंडी में काश्तकारों को लागत तक नहीं मिल पाती है, जबकि फुटकर बाजार में किसानों से खरीदी गई सब्जियां कई गुना महंगी बिक रही है। रविंद्र ने बताया कि मंडी में बिचौलिये मूली 10 रुपये प्रति किलो खरीद रहे हैं। फुटकर बाजार में 40 रुपये तक बिक रही है, जबकि साप्ताहिक पैठ बाजारों में काश्तकार मूली 20 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं।
नसीरपुर कलां के काश्तकार रियासत और मंजूरा ने बताया कि मंडी में बिचौलिये पालक और गोभी 20 रुपये प्रति किलो खरीद रहे हैं, जबकि वे पैठ बाजारों में पालक और गोभी 40 रुपये किलो बेच रहे हैं। इससे काश्तकारों और ग्राहकों को फायदा मिल रहा है। घिस्सूपुरा के काश्तकार रहमान और शमशाद के मुताबिक मंडी में बिचौलिये चने का साग 40 रुपये प्रति किलो खरीदते हैं। पैठ बाजारों में चने का साग प्रति किलो 60 रुपये बेच रहे हैं।
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लालढांग के लाहड़पुर और मीठीबेरी में आलू गोभी बैंगन, मूली, सरसों और शलगम की खूब पैदावार होती है। मीठीबेरी गांव में काश्तकार शिवचरण और मंगोलपुरा गांव के भूप सिंह बताते हैं कि वे सब्जियों को खुद ही पैठ बाजार में बेचते हैं। लाहड़पुर गांव के अरुण सैनी, राजेंद्र सैनी बताते हैं कि मंडी की तुलना में पैठ बाजार में काश्तकारों को फायदा हो रहा है। मीठीबेरी गांव के विनोद सैनी ब्रह्मपाल सैनी, मुनेश सैनी व मुकेश सैनी बताते हैं कि बाजार में प्याज 50 रुपये किलो चल रहा है, लेकिन मंडी में उन्हें 30 रुपये भाव मिल रहे हैं। इसे काश्तकार पैठ बाजार में 40 रुपये बेच रहे हैं। लालढांग बाजार में गोभी 40, नया आलू 40, मूली 30, शिमला मिर्च 80, बैंगन 40, बंद गोभी 30, गाजर 30 और टमाटर 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
फुटकर बाजार में मंडी से दोगुनी कीमत पर बिक रही सब्जियां
धनौरी। काश्तकारों से सस्ती सब्जियां खरीदकर बिचौलिये फुटकर बाजारों में मनमाने दामों में बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। गांव जस्ववाला, तेलीवाला, दौलतपुर और धनौरा मीरपुर सहित कई गांवों में किसान सब्जियां उगाते हैं। इस समय खीरा, बैंगन, हरी मिर्च, चना, तुरई, सेम और गोभी का उत्पादन हो रहा है। किसान गौरव और अनिल ने बताया कि मंडी में खीरा 30 रुपये किलो, बैगन 35 रुपये किलो, चना 40 रुपये किलो, गोभी 25 रुपये किलो बिक रही है। अरविंद सैनी बताते हैं कि फुटकर बाजार में अधिकतर सब्जियां मंडी की तुलना में दोगुने भाव में सब्जियां बिक रही हैं।
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